बिजनौर। जिला विकास व समन्वय समिति की बैठक में सांसद अधिकारियों पर जमकर बरसे। अधिकारियों पर प्रधानमंत्री की महत्वाकांक्षी योजनाओं को पलीता लगाने के आरोप जड़े। सांसदों ने अधिकारियों से कहा है कि एक माह में उनके क्रियाकलापों की जमीनी हकीकत दिखाई देनी चाहिए। बैठक में सात विधायक नहीं आए। मात्र चांदपुर की विधायक मौजूद रहीं।
जिला विकास व समन्वय समिति की बैठक विकास भवन के सभागार में सांसद यशवंत सिंह की अध्यक्षता में हुई। बैठक में सभी विभागों के अधिकारी मौजूद थे। बैठक में शासन की विभिन्न योजनाओं के क्रियान्वयन के बारे में विभागवार समीक्षा हुई। कौशल विकास निगम की समीक्षा के दौरान आईटीआई के प्रधानाचार्य योजना के बारे में पूछे गए किसी सवाल का जवाब देकर जनप्रतिनिधियों को संतुष्ट नहीं कर सके। इस पर सांसद भारतेंद्र सिंह नाराज हो गए। उन्होंने कहा कि कौशल विकास निगम प्रधानमंत्री की महत्वाकांक्षी योजना है। गांव हाईटैक हो रहे हैं, परंतु जिले में कौशल विकास में आंकड़ेबाजी का खेल हो रहा है। अधिकारी प्रधानमंत्री के युवाओं को स्वावलंबी बनाने के संकल्प पर पानी फेरने में लगे हैं। प्रधानमंत्री सड़क योजना की समीक्षा में सांसद यशवंत सिंह ने योजना के अधिशासी अभियंता को हड़काते हुए कहा कि वे प्रधानमंत्री की महत्वपूर्ण योजना को अमली जामा पहनाने में कतई रुचि नहीं ले रहे हैं।
महिलाओं का कोई समूह नहीं बना : विधायक
चांदपुर की विधायक कमलेश सैनी ने आरोप लगाया कि जलीलपुर ब्लॉक में महिलाओं का कोई समूह नहीं बना है। अधिकारी फील्ड में नहीं जाते हैं। बेहतर रहे कि अधिकारी दफ्तरों में बैठकर मौज मस्ती उड़ाने के बजाय अपना नजरिया सुधार लें। बैठक में हल्दौर, धामपुर, बिजनौर में सालों से बने पड़े आवासों का आवंटन नहीं होने का मामला उठा। पंचायतराज विभाग, समेत सभी विभागों की समीक्षा हुई। अधिकारियों से योजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी लाने को कहा गया है। बैठक में जिले के दोनों सांसद यशवंत सिंह व भारतेंद्र सिंह मौजूद रहे। चांदपुर की विधायक कमलेश सैनी एक मात्र विधायक बैठक र्में आइं। भाजपा के लोकेंद्र सिंह, सुचि चौधरी, सुशांत सिंह,ओमकुमार व अशोक राणा बैठक में नहीं आए। विपक्ष का प्रतिनिधित्व करने वाले नजीबाबाद के विधायक तसलीम अहमद व नगीना के विधायक मनोज पारस बैठक से गायब रहे। सात विधायकों के नहीं आने से उनके क्षेत्र से जुड़े विकास के मुद्दे नहीं उठ सके।