शौचालय निर्माण की गति धीमी मिलने पर भड़के
डीएम ने मार्कण्डेयपुरम गांव का किया निरीक्षण, विकास कार्यों की जांच कीं
बिजनौर। डीएम को स्वच्छता के संग कार्यक्रम के तहत ग्राम मार्कण्डेयपुरम में शौचालय निर्माण की प्रगति बहुत धीमी पाई गई। ग्रामवासियों ने शौचालय निर्माण में गुणवत्ता ठीक न होने की भी शिकायत की। स्कूलों के निरीक्षण में छात्र-छात्राओं की उपस्थिति भी कम मिली। शिक्षा का स्तर भी सही नहीं पाया गया।
जिलाधिकारी जगतराज ने मंडावर स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र, ग्राम शेखुपुरा के प्राथमिक एवं पूर्व माध्यमिक स्कूलों एवं सात दिन स्वच्छता के संग कार्यक्रम के तहत ग्राम मार्कण्डेयपुरम में शौचालय निर्माण की प्रगति का निरीक्षण किया गया। वहां एक सप्ताह के भीतर कुल 118 शौचालयों का निर्माण किया जाना है। निरीक्षण के दौरान कार्य की प्रगति बहुत धीमी पाई गई। कार्यक्रम के तीसरे दिन तक मात्र 15 शौचालयों का ही निर्माण होना प्रकाश में आया। जिलाधिकारी ने नाराजगी जताते हुए निर्देश गए दिए कि राजमिस्त्री और मजदूरों की संख्या में वृद्धि करके कार्य में अपेक्षित तेजी लाई जाए। उन्होंने गांव के ब्रजपाल के घर में बनाए जाने वाले शौचालय का गड्ढाखोदकर उसका शुभारंभ किया। जिलाधिकारी द्वारा इस अवसर पर लाभार्थियों को 12-12 हजार के चेक भी वितरित किए गए। इससे पूर्व जिलाधिकारी द्वारा गांव जाते हुए रास्ते में मंडावर स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का निरीक्षण किया। यहां सफाई सहित लगभग सभी व्यवस्थाएं दुरुस्त पाई गई। उन्होंने ग्राम शेखुपुरा हुसैनपुर स्थित प्राथमिक एवं पूर्व माध्यमिक विद्यालयों का निरीक्षण किया। बच्चों की उपस्थिति सहीं पाया गया। जिलाधिकारी ने उपस्थित अध्यापिकाओं को निर्देश दिए कि शिक्षण की गुणवत्ता में अपेक्षित सुधार लाएं। निरीक्षण के दौरान मुख्य विकास अधिकारी डा इंद्रमणि त्रिपाठी, जिला पंचायत राज अधिकारी मनीश कुमार सहित कई अधिकारी मौजूद रहे।