बिजनौर सर्किल में खुलेंगे 15 नए बिजलीघर
अजीत चौधरी
बिजनौर। लगातार बढ़ रहे शहरों और गांवों की बिजली की जरूरतें पूरी करने के लिए बिजनौर सर्किल में 15 नए बिजलीघर खोले जाएंगे। दस-दस एमवीए के बिजलीघर खुलने से लोगों को लो वोल्टेज आदि की समस्या नहीं झेलनी होगी। इन बिजलीघरों से 30 हजार से अधिक घरों को नए कनेक्शन दिए जा सकते हैं। बढ़ रही बिजली की जरूरतों को पूरा कर लिया जाएगा। इन बिजलीघर को स्थापित करने के लिए जमीन देखी जा रही हैं।
हर जगह आबादी और उसके हिसाब से मकान बढ़ रहे हैं। गांव कस्बे बन रहे हैं और शहरों का स्वरूप भी लगातार बढ़ रहा है। अपनी जरूरत के हिसाब से नए मकान बनाए जा रहे हैं और नए मकानों में बिजली तो चाहिए ही। इस समय बिजनौर सर्किल में सवा तीन लाख से अधिक कनेक्शन हैं। कनेक्शन और बिजली की खपत लगातार बढ़ने से गर्मी में आपूर्ति व्यवस्था पटरी से उतर ही जाती है। बिजली की खपत अब कम भी नहीं होगी। गर्मी में लो वोल्टेज की समस्या भी लोगों को परेशान करती है। इसे ध्यान में रखकर अब निगम ने बिजनौर सर्किल में 15 नए बिजलीघर बनाने का प्रस्ताव बनाकर शासन को भेजा है जिसे मंजूरी मिल भी गई है। अब केवल ये बिजलीघर बनाने के लिए जमीन चिह्नित की जा रही है। निगम की प्राथमिकता सरकारी जमीन पर बिजलीघर बनाने की रहेगी। इसके लिए जमीनों को देखा जा रहा है। (संवाद)
30 हजार से ज्यादा को मिलेंगे कनेक्शन
इस समय जिले की बिजली की खपत 156 मिलीयन यूनिट प्रतिमाह है। ये लगातार बढ़ेगी। नए बिजलीघर दस-दस एमवीए के होंगे। एक बिजलीघर से दो-दो किलोवाट के 2200 घरों को कनेक्शन दिए जा सकते हैं। 15 बिजलीघराें से 30 हजार से ज्यादा घरों में बिजली पहुंचेगी। कई बिजलीघरों का क्षेत्र बहुत बढ़ गया है। दरअसल, कई बार जरा सी तकनीकी वजह से किसी बिजलीघर से जुड़े बड़े क्षेत्र की बत्ती गुल हो जाती है। आवास विकास फीडर से जुड़ी मंडावर रोड की कॉलोनी की बिजली जरा सी तेज हवा चलने से कई-कई घंटे बंद रहती है। इसके अलावा रिंग रोड पर वाहनों के खंभे से टकराने से आपूर्ति बहाल कराने में 24-24 घंटे लग जाते हैं। इन समस्याओं का निस्तारण नए बिजलीघर बनने से ही होगा।
मिल गई मंजूरी : एसई
विद्युत निगम के एसई नंदलाल के अनुसार 15 नए बिजलीघर बनाने को मंजूरी मिल गई है। नए बिजलीघर बनने से जनता को लाभ होगा। लगातार बढ़ रही कॉलोनी व घरों की संख्या को देखते हुए ये प्रस्ताव बनाकर भेजा गया था।