बिजनौर। सेवानिवृत्ति के बाद लोग जिंदगी की पारी को खत्म हुआ मान लेते हैं, मगर बिजनौर के एक मामूली से गांव मिर्जापुर महेश निवासी अशोक शर्मा सरकारी नौकरी से अवकाश पाने के बाद अपनी जिंदगी की दूसरी पारी में भी चैंपियन बने हुए हैं। शनिवार को लखनऊ में आयोजित नेशनल पीआर डे 2018 पर डॉ. अशोक कुमार शर्मा को एसआरएम यूनिवर्सिटी सभागार में लाइफ टाइम अचीवमेंट पुरस्कार दिया गया। यह सम्मान उन्हें जनसंपर्क क्षेत्र में प्रेक्टिस, लेखन और शिक्षण में योगदान के लिए दिया गया।
सम्मान समारोह के मुख्य अतिथि उत्तर प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी वेंक्टेश्वर लू और सभापति एसआरएम यूनिवर्सिटी के उपकुलपति डॉ. एके सिंह रहे। देश की एकमात्र यहूदी विमर्श-कथाकार शीला रोहेकर ने उन्हें सम्मान प्रदान किया। अशोक शर्मा का जन्म 30 मई 1955 को मिर्जापुर महेश में हुआ। वर्धमान कॉलेज बिजनौर से बीएससी, अलीगढ़ विश्वविद्यालय से एमएससी की शिक्षा प्राप्त कर 1991 में सूचना निदेशालय में सेवाकार्य प्रारंभ किया। एमए प्राइवेट रूप से कर पत्रकारिता में पीएचडी की। मैनेजमेंट में कई कोर्स किए। संयुक्त निदेशक सूचना के पद से सेवानिवृत्त हुए। वह लंबे समय से लखनऊ में ही रहते हैं। डॉ. शर्मा देश के अकेले ऐसे अधिकारी हैं जिन्हें अनेक राष्ट्रीय पुरस्कार मिले हैं और जिन्होंने देश की हर राजनीतिक पार्टी के मुख्यमंत्री के मीडिया प्रमुख या विशेष कार्यअधिकारी के रूप में कार्य किया। उनका कहना है कि इंसान को बच्चों की तरह हर परिस्थिति और व्यक्ति से कुछ न कुछ बेहतर सीखना चाहिए। उसकी अपने तरीके से नकल करनी चाहिए, इससे भी बहुत सी समस्याएं हल हो जाती हैं।