अमरोहा। दस साल पुराने डीजल वाहनों के संचालन पर पाबंदी लगाने के विरोध में किसानों गुस्सा भड़क गया है। सैकड़ों की संख्या में ट्रैक्टर लेकर कलक्ट्रेट पहुंचे भाकियू नेता डीएम दफ्तर के बाहर सरकार के खिलाफ प्रदर्शन करते हुए धरने पर बैठ गए। प्रधानमंत्री को संबोधित नौ सूत्रीय ज्ञापन डीएम को सौंपकर तत्काल कृषि यंत्रों से पाबंदी हटाने की मांग की गई। साथ ही पाबंदी नहीं हटने पर आंदोलन की चेतावनी दी गई।
भारतीय किसान यूनियन अराजनैतिक के जिलाध्यक्ष चौधरी डूंगर सिंह के नेतृत्व में जिलेभर के सैकड़ों किसान दस साल पुराने ट्रैक्टर लेकर कलक्ट्रेट पहुंचे। यहां भाजपा सरकार के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन करते हुए डीएम दफ्तर के गेट पर धरने पर बैठ गए। किसानों ने कहा कि सूबे की 65 प्रतिशत लोग कृषि से जुड़े हैं, लेकिन केंद्र और प्रदेश सरकार की उदासीनता के चलते किसानों की समस्याएं बढ़ती जा रही हैं। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में दस साल से अधिक के डीजल वाहनों के संचालन पर पाबंदी हटाते हुए किसानों के ट्रैक्टर, पंपिंग सेट और कृषि कार्यों में प्रयुक्त किए जाने वाले डीजल इंजन से पाबंदी हटाई जाए। उत्पादन लागत को देखते हुए गेहूं पर दो सौ रुपये प्रति क्विंटल बोनस दिया जाए। किसानों के खेतों पर पचास प्रतिशत गन्ना खड़ा है, इसलिए तत्काल पर्ची जारी कराई जाएं। गन्ना भुगतान में देरी होने पर किसान को ब्याज सहित भुगतान किया जाए।
बिजली बिलों में की गई बढ़ोत्तरी को वापस लिया, जाए साथ ही ओटीएस योजना लागू कर बिजली बिल जमा कराया जाए। सामान्य योजना के तहत निजी नलकूपों की लाइन की दूरी घटाकर 190 मीटर की जाए। प्रदेश भर में सिंचाई नहरों का निर्माण पूरा कराया जाए। बुंदेलखंड के किसानों का पलायन रोकने के लिए संयुक्त समिति का गठन किया जाए। इस दौरान डॉ.चंद्रपाल सिंह, विजेंद्र सिंह, राम किशन सिंह, काले सिंह चौहान, चौधरी उम्मेद सिंह, भूपेंद्र सिंह, समरपाल सिंह और अजयपाल सिंह मौजूद रहे।