बिजनौर । अब आंगनबाड़ी केंद्रों पर योजनाओं का लाभ लेने के लिए भी आधार नंबर अनिवार्य होगा। जिन बच्चों का आधार कार्ड नहीं होगा उनको पोषाहार, हॉट कुक आदि योजनाओं का लाभ नहीं मिलेगा। शासन के निर्देश मिलने के बाद आंगनबाड़ी केंद्रों पर आने वाले बच्चों के आधार नंबर लिए जा रहे हैं।
बच्चों से कुपोषण दूर करने के लिए महिला बाल विकास एवं पोषाहार विभाग द्वारा अनेक योजनाएं चलाई जाती हैं। आंगनबाड़ी केंद्रों पर सात महीने से लेकर छह साल तक के बच्चे आते हैं। जिले के 3,236 आंगनबाड़ी केंद्रों पर करीब ढाई लाख बच्चे आते हैं। वहीं परिषदीय स्कूलों में बच्चे के छह साल का होने के बाद एडमिशन होने का प्रावधान है, लेकिन परिषदीय स्कूलों के शिक्षक और आंगनबाड़ी कार्यकर्ता गलत तरीके से आयु के मानक पूरे न करने वाले बच्चों के नाम भी अपने केंद्रों में लिख लेते हैं। एक ही बच्चे के नाम दोनों जगह लिखकर फर्जीवाड़ा किया जाता है। अब शासन की मंशा इस फर्जीवाड़े पर पूरी तरह रोक लगाने की है। इसके लिए शासन ने आधार नंबर को हथियार बनाया है। प्राइमरी स्कूल और आंगनबाड़ी केंद्र दोनों जगह आधार नंबर बनाए जा रहे हैं। आधार नंबर फीड होने के बाद दोनों विभागों के बच्चों के आधार नंबर का मिलान कराया जाएगा। जिन बच्चों के नाम दोनों विभागों में लिखे होंगे, उनके नाम किसी एक विभाग से काटे जाएंगे। साथ ही आंगनबाड़ी केंद्रों पर आने वाले जिन बच्चों के आधार कार्ड बने होंगे, उनको ही पोषाहार और हॉट कुक दिया जाएगा। जिला कार्यक्रम अधिकारी दीप्ति भार्गव के अनुसार शासन के निर्देश पर दोनों विभागों के बच्चों के आधार कार्ड बनवाए जा रहे हैं।