जलालाबाद/नजीबाबाद। कृत्रिम गर्भाधान कार्यकर्ताओं ने गांव ज्वालाचंडी में पशुओं में कृत्रिम गर्भाधान व अन्य स्वास्थ्य सेवाएं न देने का फैसला लिया। कार्यकर्ताओं का आरोप है कि कृत्रिम गर्भाधान के बाद एक भैंस की मौत हो जाने पर ग्राम प्रधान द्वारा कार्यकर्ता के साथ अभद्रता की गई थी।
गांव मुअज्जमपुर नारायण में कृत्रिम गर्भाधान कार्यकर्ता ढाल गोपाल के निवास पर कार्यकर्ताओं की बैठक हुई। हरविंदर राजपूत की अध्यक्षता में हुई बैठक में ढाल गोपाल ने बताया कि 12 नवंबर को गांव ज्वालाचंडी में जय सिंह की भैंस कृत्रिम गर्भाधान के दौरान मर गई थी। इसके बाद ग्राम प्रधान लटूर सिंह ने फोन पर अभद्रता की। बैठक में घटना पर रोष व्यक्त करते हुए गांव ज्वालाचंडी में पशुओं का कृत्रिम गर्भाधान एवं अन्य स्वास्थ्य संबंधी कार्य न करने का निर्णय लिया गया। जुगनेश कुमार के संचालन में हुई बैठक में योगेंद्र राजपूत, लोकेश कुमार, पवन कुमार, नितिन कुमार, देव किशोर, जुगल किशोर, पवन आदि उपस्थित रहे।
झोलाछाप हैं कृत्रिम गर्भाधान कार्यकर्ता
नजीबाबाद। उप मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ.जगवीर सिंह ने गांव ज्वालाचंडी में पशुओं का कृत्रिम गर्भाधान का बहिष्कार करने वाले कार्यकर्ताओं को झोलाछाप बताया। उन्होंने स्पष्ट किया कि कार्यकर्ताओं की चेतावनी से पशुपालक विचलित न हों। पशुओं के कृत्रिम गर्भाधान तथा उनके स्वास्थ्य के संबंध में पशुपालक सीधे पशुपालन विभाग एवं पशु चिकित्सालय से संपर्क करें। उनके पशुओं को हरसंभव स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।