अधिकारियों को आंगनबाड़ी केंद्र गोद देकर बच्चों से खत्म किया जाएगा कुपोषण
बिजनौर। कुपोषण के खिलाफ शासन द्वारा चलाया जा रहा अभियान रंग लाया है, जिले में कुपोषण से ग्रस्त बच्चों की संख्या में कमी आई है। बीते साल के मुकाबले इस साल अतिकुपोषित बच्चों की संख्या में करीब नौ हजार बच्चों की कमी आई है। अब इन बच्चों से कुपोषण को खत्म करने के लिए अभियान चलाया जाएगा।
नौनिहालों से कुपोषण को खत्म करने के लिए अधिकारियों को गांवों को गोद दिया जाता है। गोद लेने के बाद बच्चों से कुपोषण को दूर करने की जिम्मेदारी सीधे अधिकारी की भी हो जाती है। अतिकुपोषित बच्चों को चिह्नित करने के लिए साल में एक बार पूरे जिले में वजन दिवस अभियान चलाया जाता है। बीते साल आंगनबाड़ी केंद्रों पर चलाए गए अभियान में 29 हजार 318 अतिकुपोषित बच्चे मिले थे। इस साल अक्तूबर में चलाए गए अभियान में 20 हजार 174 अतिकुपोषित बच्चे मिले हैं। अतिकुपोषित बच्चों की संख्या में नौ हजार 144 की कमी आई है।
परियोजना अतिकुपोषित बच्चों की संख्या
धामपुर 1924
अफजलगढ़ 1882
नहटौर 1352
हल्दौर 707
नजीबाबाद 1960
बिजनौर शहर 493
स्योहारा 1289
मोहम्मदपुर देवमल 1496
जलीलपुर 1628
नूरपुर 1982
खारी झालू 947
कोतवाली 3029
किरतपुर 1485
कुल योग 20174
जिला कार्यक्रम अधिकारी दीप्ति भार्गव के अनुसार अतिकुपोषित बच्चों की संख्या में कमी आई है। अब चयनित बच्चों से कुपोषण को खत्म करने के लिए अभियान चलाया जाएगा।