चुनाव लड़ने वाले दावेदारों ने कमर कसनी शुरू की
सबसे ज्यादा दावेदार मांग रहे हैं भाजपा का टिकट
अधिकांश नगर पालिका व नगर पंचायत में हिंदू से ज्यादा है मुस्लिम वोटर
बिजनौर। नगर निकाय के चुनाव की अधिसूचना अक्तूबर में जारी होने से चुनाव की सरगर्मियां बढ़ गई हैं। नगर पालिका व नगर पंचायतों के अध्यक्ष पद के दावेदार टिकट हथियाने को लेकर सक्रिय हो गए हैं। भाजपा का टिकट मांगने वालों की लंबी लाइन हैं। सपा व बसपा का मुस्लिम व दलित दावेदार टिकट मांग रहे हैं। वार्डों का चुनाव लड़ने वाले दावदारों ने भी अपनी कमर कस ली है। जिले की अधिकांश नगर पालिका व नगर पंचायत मेें मुस्लिम वोटरों की संख्या हिंदू वोटरों से ज्यादा है।
नगर निकाय के चुनाव नवंबर में होंगे। चुनाव की अधिसूचना 24 या 25 अक्टूबर को जारी होगी। भले ही अधिसूचना अक्तूबर में जारी हो रही है पर दावेदारों ने छह माह पहले से चुनाव की तैयारी शुरू कर रखी है। जिले में 12 नगर पालिका और छह नगर पंचायत हैं। नगर पालिका में बिजनौर , धामपुर , चांदपुर, नगीना, नजीबाबाद, किरतपुर, हल्दौर, शेरकोट, अफजलगढ़, नूरपुर, , नहटौर, और स्योहारा है। नगर पंचायत में झालू, मंडावर, सहसपुर, जलालाबाद, साहनपुर , बढ़ापुर शामिल है। पिछले चुनाव में हल्दौर नगर पालिका को छोड़कर जिले की सभी नगर पालिका व नगर पंचायत पर मुस्लिम अध्यक्ष बने थे। इस बार भी चुनाव की दावेदारों ने पहले से तैयारी शुरू कर दी है। दावेदारों अपनी सीटों पर समीकरण बैठाने में जुटे हैं। पिछला चुनाव सपा सरकार के दौरान हुआ था। तब सबसे ज्यादा टिकट के दावेदारों की भीड़ सपा का टिकट हथियाने में लगी थी। वार्ड सदस्य का चुनाव लड़ने वाले भी सपा का टिकट मांग रहे थे। इस बार केंद्र व यूपी में भाजपा की सरकार है। सबसे ज्यादा टिकट के दावेदार भाजपा का टिकट मांग रहे हैं। वार्ड सदस्य के टिकट के लिए सिफारिश की जा रही है। टिकट के दावेदार अपने आकाओं के यहां टिकट पाने के लिए परिक्रमा करने में लगे हैं। जिले की अधिकांश नगर पालिका व नगर पंचायत सीट पर मुस्लिम वोटरों की संख्या ज्यादा है। इसके बाद भी भाजपा दावेदार अपने समीकरण बैठाकर टिकट मांग रहे हैं। मुस्लिम दावेदार सपा या बसपा के टिकट पाने में लगे हैं। वे चाह रहे हैं कि सपा के टिकट पर मुस्लिम वोट पूरा मिल जाएगा। बसपा से टिकट मांगने वाले मुस्लिम और दलित गठजोड़ के सहारे अपनी नैया पार करने का सपना देख रहे हैं। गली मोहल्ले से लेकर चुनाव की सरगर्मियां बढ़ गई हैं। दिन निकलने के साथ दिन छलने पर चुनाव के लिए चौपाल लगनी शुरू हो जाती हैै। वार्डों का चुनाव लड़ने की तैयारी करने वाले दावेदार कई दिनों से वोटरों के घर-घर जा रहे हैं। अभी से उन्होंने वोटरों की खातिरदारी शुरू कर दी है।