मौके पर बने नहीं, कागजों में तैयार मिले शौचालय
शौचालय के नाम पर बंदरबांट की गई सरकारी धनराशि
ग्रामीणों की शिकायत पर उकावली में की गई जांच
अमर उजाला ब्यूरो
गंगेश्वरी। शौचालय के नाम पर सरकारी धनराशि बंदरबांट कर दी गई। लाखों रुपए हजम कर लिए गए। घर की बजाय खेतों में शौचालय बनवाए गए तो कई का निर्माण कागजों में पूरा दिखाया गया। ग्रामीणों की शिकायत पर हुई जांच में यह खुलासा हुआ। फर्जीवाड़ा उजागर होने से जांच अधिकारी भी हैरत में पड़ गए। उन्होंने अपनी रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को सौंपने की बात कही है। उनके स्तर से कार्रवाई होना बताया है।
ग्राम पंचायत उकावली में वर्ष 2016-17 में 312 शौचालयों का निर्माण होना दर्शाया गया है। हर शौचालय निर्माण की धनराशि प्रधान व सेक्रेट्री ने निकाल ली है। कुछ दिन पहले ग्रामीणों ने अधिकारियों से शिकायत की थी कि प्रधान व सेक्रेट्री ने शौचालय निर्माण में गड़बड़ की है। 31 शौचालय नहीं बने हैं, जबकि उनकी धनराशि विस चुनाव से पहले ही निकालकर खर्च कर दी गई। 40 शौचालयों के गड्ढे नहीं खुदे हैं। ग्राम पंचायत सदस्य रामस्वरूप ने प्रधान पर एक भी खुली बैठक नहीं करने का आरोप लगाया है। 16 लोगों के नाम पीएम आवास के लिए भेजे हैं। 80 इंदिरा आवास व सात लोहिया आवास गांव में बन चुके हैं। पीएम आवास का हकदार कोई नहीं है।
शिकायत की जांच करने के लिए एडीओ कोआपरेटिव अवनीश कुमार गांव पहुंचे तो नजारा देखकर दंग रह गए। सात शौचालय मौके पर नहीं बने मिले। छह टूटे हुए पाए गए। बगैर बने शौचालयों की धनराशि निकाल ली गई। कुछ शौचालय खेतों में बने मिले, जिन्हें तुड़वाया गया। बकौल जांच अधिकारी- गांव में जाकर शौचालयों का सत्यापन किया गया है। अगली कार्रवाई के लिए उच्चाधिकारियों को जांच रिपोर्ट सौंपी जाएगी।