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उदयन वीरा ने दिया इस्तीफा

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अविश्वास प्रस्ताव से पूर्व ही उदयन वीरा का इस्तीफा
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बिजनौर। जिला पंचायत अध्यक्ष सपा नेता उदयन वीरा ने उनके खिलाफ लाए गए अविश्वास प्रस्ताव से 79 मिनट पहले ही इस्तीफा दे दिया। उदयन वीरा की पत्नी रुचि वीरा सपा की पूर्व विधायक हैं। उदयन वीरा का इस्तीफा करीब 12:15 बजे स्वीकार हुआ। अविश्वास प्रस्ताव पर मतदान के लिए 35 जिला पंचायत सदस्य कलक्ट्रेट पहुंचे और अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा की। इस्तीफा स्वीकार होने के बाद मतदान की प्रक्रिया नहीं की गई। वहीं उदयन वीरा ने प्रशासन पर दबाव बनाने और छह पंचायत सदस्यों पर गद्दारी करने का आरोप लगाया है।
2016 में हुए जिला पंचायत अध्यक्ष पद के लिए सपा ने विधायक मनोज पारस की पत्नी नीलम पारस को प्रत्याशी बनाया था। लेकिन तत्कालीन सपा विधायक रुचि वीरा ने पार्टी से बगावत कर अपने पति उदयन वीरा को चुनाव लड़ाते हुए उन्हें जीत हासिल करा दी थी। भाजपा सरकार आने के बाद से जिला पंचायत सदस्य भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए उदयन वीरा के खिलाफ आवाज उठाने लगे थे। जिला पंचायत सदस्य साकेंद्र चौधरी के नेतृत्व में 31 जुलाई को अविश्वास प्रस्ताव पर मतदान होना था, लेकिन तब पीठासीन अधिकारी के छुट्टी पर जाने के कारण मतदान की तिथि 22 अगस्त मंगलवार निर्धारित की गई थी। मंगलवार को 11 बजे से कलक्ट्रेट में अविश्वास प्रस्ताव की प्रक्रिया शुरू होनी थी।
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सुबह 9:45 बजे उदयन वीरा ने विकास भवन जाकर अपर मुख्य सचिव को संबोधित अपना इस्तीफा सीडीओ डॉ. इंद्रमणि त्रिपाठी को सौंप दिया। प्रशासन ने उदयन वीरा का इस्तीफा शासन को भेज दिया। शासन द्वारा इस्तीफा स्वीकृत करने की कार्रवाई में समय लगने के कारण कलक्ट्रेट में 11 बजे अविश्वास प्रस्ताव पर कार्रवाई शुरू हो गई। कड़े पहरे के बीच साकेंद्र चौधरी समेत विरोधी खेमे के 35 सदस्य कलक्ट्रेट पहुंचे। पीठासीन अधिकारी एडीजे संदीप जैन ने करीब 11 बजे से अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा कराई। विशेष सचिव सुशील कुमार मौर्य ने उदयन वीरा का इस्तीफा स्वीकार कर लिया। करीब 12:15 बजे शासन द्वारा इस्तीफा स्वीकार करने का पत्र मिलने पर अविश्वास प्रस्ताव पर कार्रवाई रोक दी गई। अविश्वास प्रस्ताव पर मतदान नहीं कराया गया।
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