बिजनौर/नूरपुर। पूर्व बसपा नेता गौहर इकबाल पर लगे अपहरण के मामले में उस समय नाटकीय मोड़ आ गया जब बरामद युवती गौहर इकबाल को पति बताते हुए उनके साथ जाने पर अड़ गई। एसीजेएम उदयवीर सिंह ने युवती को बालिग मानते हुए उसे अपनी इच्छा से कहीं भी जाने के लिए स्वतंत्र कर दिया है।
पूर्व बसपा नेता गांव मंझोला बिल्लौच निवासी गौहर इकबाल का गांव में ही इंटर कॉलेज है। गांव नंगली पथरी निवासी महनाज परवीन का एक रिश्तेदार गौहर इकबाल के संपर्क में था। महनाज परवीन ने गौहर इकबाल के स्कूल से ही इंटर किया है। रिश्तेदार की वजह से महनाज और गौहर इकबाल में नजदीकी बढ़ गई। 16 जुलाई को गौहर इकबाल व महनाज फरार हो गए। 20 जुलाई को महनाज की मां ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसकी बेटी गांव में ही डॉक्टर के पास दवा लेने जा रही थी। रास्ते में गौहर इकबाल उसकी बेटी का अपहरण कर गाड़ी में डालकर ले गए। एफआईआर दर्ज होने के बाद पुलिस ने युवती को बरामद करने के लिए ताबड़तोड़ दबिश दी थी। पुलिस ने युवती को नहटौर तिराहे से बरामद कर उसे मेडिकल जांच तथा कोर्ट में बयान के लिए बिजनौर भेजा। मेडिकल के बाद युवती के कोर्ट में कलमबंद बयान हुए। युवती ने अपने को बालिग बताते हुए कहा कि उसने गौहर इकबाल से निकाह कर लिया है। वह अपने पति के पास जाना चाहती है। हाईस्कूल के सर्टिफिकेट के अनुसार युवती की आयु 18 वर्ष सात माह पाई गई। कोर्ट ने युवती को बालिग मानते हुए उसकी इच्छानुसार कहीं भी जाने के लिए स्वतंत्र कर दिया। कोर्ट ने विवेचक को आदेश दिया कि युवती जहां भी जाना चाहती है उसे वहां सुरक्षित पहुंचाया जाए।