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भिक्षावृति करने वालों का सत्यापन बना सिरदर्द

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भिक्षावृत्ति करने वालों का सत्यापन सिरदर्द
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अमर उजाला ब्यूरो
नजीबाबाद (बिजनौर)।
पूर्ति विभाग भिक्षावृत्ति से जुड़े लोगों के राशन कार्ड बनाएगा, मगर अब तक इस श्रेणी के किसी भी व्यक्ति ने आवेदन नहीं किया है। आवेदन के लिए राशन कार्ड जरूरी है।
राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के अंतर्गत राशन कार्डों के लिए आवेदन करने वालों के सत्यापन में टीमें जुटी हैं। मानकों के अनुरूप टीमें पात्रता सूची तैयार कर रही हैं। कुष्ठ रोगी, कैंसर व एड्स पीड़ित, अनाथ, किसी कारणवश परिवार से पृथक हुई महिला, कचरा ढोने वाले, घरेलू कामकाज करने वाले, जूते-चप्पल की मरम्मत करने वाले, फेरी करने अथवा रिक्शा चलाने वाले, भूमिहीन मजदूर, गरीबी रेखा से नीचे जीवन-यापन करने वाले, निराश्रित महिला, दिव्यांग अथवा मानसिक रूप से अस्वस्थ, आवासहीन अथवा पक्की छत रहित परिवार के लोग इसके लिए पात्र होंगे।
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शासन ने भिक्षावृत्ति करने वालों को भी पात्रता सूची में शामिल किया है, मगर यह सत्यापन करने वालों के लिए सिरदर्द है। नजीबाबाद और आसपास के क्षेत्र में सैकड़ों लोग भिक्षावृत्ति करते हैं, मगर पूर्ति विभाग के रिकॉर्ड में एक भी भिखारी नहीं है। इस बाबत पूछने पर पूर्ति विभाग के अधिकारियों का कहना है कि राशन कार्ड के लिए आवेदन करने के लिए आधार कार्ड धारक होना जरूरी है। आधार कार्ड के लिए एड्रेस प्रूफ जरूरी है।
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पूर्ति निरीक्षक अमित कुमार का कहना है कि भिक्षावृत्ति से जुड़े ऐसे लोगों को चिन्हित किया जाएगा, जो एक ही स्थान पर रहते हैं। घुमंतू प्रवृत्ति के लोगों का राशन कार्ड के लिए आवेदन करा पाना संभव नहीं होगा। एक ही स्थान पर रहकर भीख मांगने वाले मिले तो वहां कैंप लगाकर उनके फार्म भरवाए जाएंगे।
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