अमरोहा। मनरेगा के तहत फतेहपुर अधेक में कराए गए कामों की जांच पूरी हो गई है। जांच टीम का दावा है कि मौके पर काम कराया गया है। इसके चलते जांच टीम की मंशा पर सवाल उठ रहे हैं। गांववालों का दावा है कि दोषियों को बचाने के लिए तैयारी की गई है। सीडीओ को मामले की जांच रिपोर्ट जल्द सौंपी जाएगी।
गंगेश्वरी ब्लॉक के फतेहपुर अधेक में मनरेगा के तहत तीन साल में कराए गए कामों का ब्योरा अमर उजाला ने 10 नवंबर को प्रकाशित किया था। जिसमें भुगतान के बावजूद काम नहीं कराने का मामला था। मनरेगा के तहत चकरोड और खेल के मैदान के लिए 30 लाख रुपये का भुगतान कराया गया है।
खास बात यह है कि तीन साल में एक ही चकरोड और खेल के मैदान में काम हुए हैं। धांधली की खबर प्रकाशित होते ही विकास कार्यों से जुड़े जिम्मेदारों में हड़कंप मच गया। कार्रवाई से खुद और दूसरों को बचाने के लिए आनन फानन में 11 नवंबर से काम शुरू करा दिया गया।
इसके बाद सीडीओ दिनेश कुमार ने मामले का संज्ञान लिया। उन्होंने प्रकरण की जांच के लिए डीसी मनरेगा एके उपाध्याय की अध्यक्षता में बीडीओ गंगेश्वरी और आरईडी के जेई की तीन सदस्यीय टीम गठित की।
जांच टीम ने गांव में पहुंच कर प्रकरण की जांच की। डीसी मनरेगा एके उपाध्याय ने बताया कि मौके पर काम कराए गए हैं। खेल के मैदान में काम हुआ है। मेढ़बंदी और पौधरोपण भी कराया गया है। उनका दावा है कि गांववालों ने रास्ते की मिट्टी काट लिए है बरसात से सड़क के हिस्से की मिट्टी भी बह गया है।