सपनों की उड़ान कार्यक्रम का दीप जलाकर किया गया शुभारंभ।
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बिजनौर में सपनों की उड़ान कार्यक्रम के माध्यम से किशोरियों में बढ़ती उम्र के दौरान शारीरिक बदलाव के बारे में माताओं और उनकी बेटियों को जानकारी दी गई। उन्हें इस दौरान सिर्फ विस्पर च्वाइस पैड का ही इस्तेमाल करने की सलाह दी गई, कपड़ों का नहीं। कार्यक्रम में मां और बेटियों को इससे जुड़ी भ्रांतियों के बारे में भी विस्तार से बताया गया।
रविवार को विस्पर च्वाइस और अमर उजाला की ओर से टाउन हॉल में आयोजित सपनों की उड़ान कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि माया सिंह, नगर की वरिष्ठ स्त्री रोग विशेषज्ञ सीमा देशवाल, मार्शल आर्ट विशेषज्ञ शालनी और शिवानी सिंह ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि माया सिंह ने कहा कि मासिक धर्म होना परेशानी नहीं है, बल्कि इसका नहीं होना एक गंभीर बीमारी है। उन्होंने कहा कि मासिक धर्म महिलाओं के लिए बीमारी नहीं, बल्कि सौभाग्य की बात है। बेटियों को अपनी हर परेशानी को अपनी मां को जरूर बताना चाहिए। मां-बेटियों को आपस में मित्रवत व्यवहार करना चाहिए, जिससे कि कभी भी परेशानियां आने पर उनका आसानी से समाधान किया जा सके। स्त्री रोग विशेषज्ञ सीमा देशवाल ने कहा कि मासिक धर्म होना कोई बीमारी नहीं है, बल्कि यह नारी शक्ति का एक रूप है। आजकल अनेक माध्यमों से महिलाओं को जागरूक किया जाता है। इसके बावजूद काफी बेटियां और मां कपड़े का ही इस्तेमाल करती हैं, जो सुरक्षा की दृष्टि से बिल्कुल गलत है। उन्होंने कहा मासिक के धर्म के दौरान कपड़े का कभी भी इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। जिससे अनेक बीमारियां होने की आशंका बनी रहती है। उन्होंने कहा कि कपड़े के इस्तेमाल से फंगल इंफेक्शन, पेडू में दर्द, कमर दर्द, श्वेत प्रदर आदि की समस्या हो सकती है, जबकि विस्पर च्वाइस पैड यूज करके इन परेशानियों से बचा जा सकता है। मुश्किल पांच दिनों में साफ सफाई पर विशेष ध्यान देना जरूरी है।
आत्मरक्षा के दिए टिप्स
बिजनौर। मार्शल आर्ट्स एक्सपर्ट शिवानी सिंह और शालनी ने डेमो देकर महिलाओं को आत्मरक्षा के लिए प्रेरित किया। इस अवसर पर महिलाओं आपत्तिकाल में आत्मरक्षा के लिए इन उपायों को अपनाना चाहिए।
लक्की ड्रा निकाले
बिजनौर। इस दौरान लक्की ड्रा निकाला गया। इसमें आवेदन करने वाली कुल 20 विजेताओं को स्कूल बैग और पानी की बोतल आदि उपहार देकर सम्मानित किया गया।