धान की फसल के लिए तेज हवा बनी मुसीबत
बीस प्रतिशत तक फसल को नुकसान की संभावना
अमर उजाला ब्यूरो
बिजनौर/हल्दौर/नगीना। तेज हवा के साथ आई बारिश से धान की फसल प्रभावित हुई है। कई जगह पर धान की फसल गिर गई है। इसका असर उत्पादन पर भी पड़ेगा। फसल गिरने से लगभग 20 प्रतिशत की उत्पादन में कमी की संभावना है। किसान अब टकटकी लगाकर आसमान की ओर देख रहे हैं। हालांकि गन्ने और बाकी फसलों को बारिश से फायदा होगा।
जिले में धान की फसल भी प्रमुखता से बोई जाती है। इस साल जिले में करीब चालिस हजार हेक्टेअर जमीन में धान की फसल बोई गई है। खेतों में धान की तैयार फसल लहलहा रही थी। गन्ने की फसल भी लगभग तैयार है। अब धान की फसल को सिंचाई की जरूरत नहीं थी। अगले महीने धान की कटाई शुरू हो जाती। लेकिन शनिवार और रविवार को आई तेज हवा व बारिश से धान की फसल बुरी तरह प्रभावित हुई है। किसानों के मुताबिक गिरी हुई फसल की बालियां गलने लगती हैं। इसके अलावा चूहे भी गिरी हुई फसल को काटकर नुकसान पहुंचाते हैं। तेज हवा से गन्ने की फसल भी गिरी है। लेकिन गन्ने की फसल को नुकसान नहीं होता है। बारिश से गन्ने की फसल को और फायदा ही होगा। वहीं, बारिश से सिविल लाइंस में शनिवार रात एक पेड़ गिर गया। वहीं, हल्दौर में बारिश के कारण धान के साथ टमाटर, बैंगन और मिर्च की फसल को भी नुकसान हुआ। कृषि अनुसंधान मौसम संस्थान के प्रेक्षक आरके शर्मा के अनुसार मौसम में आर्द्रता बढ़ी हुई है। जिसके कारण आगे भी बारिश होने की संभावना है।
नुकसान का आंकलन करेगा विभाग
किसान क्रेडिट कार्ड पर जो ऋण लिया जाता है, उसके बीमे में धान की फसल भी जुड़ी होती है। हालांकि केवल जिला सहकारी बैंक लिमिटेड से ऋण लेने वाले किसानों को ही इसका लाभ मिलता है। उन्हीं की धान की फसल का बीमा होता है। ऐसे किसानों को ही फसल में नुकसान होने पर प्रीमियम की राशि मिलती है। उपनिदेशक कृषि जेपी चौधरी के अनुसार किसानों की फसलों को नुकसान का आंकलन कृषि विभाग से कराया जाएगा। इसकी रिपोर्ट शासन को प्रेषित की जाएगी।