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यातायात सप्ताह

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बिजनौर। हाइवे से लेकर संपर्क मार्गों तक पर तेज रफ्तार वाहन मौत बनकर दौड़ रहे हैं। आए दिन कई लोगों की जान सड़क हादसे में जा रही है। तेज रफ्तार वाहनों के अलावा शराब पीकर वाहन चलाने वाले वाहन भी हादसों का कारण बन रहे हैं। परिवहन विभाग और पुलिस प्रशासन ऐसे वाहन चालकों के चालान काटने तक ही सीमित है। फर्राटा भरने वाले वाहन चालकों पर सख्त कार्रवाई न होने से ये वाहन चालक अपनी कार्यशैली में बदलाव लाने को तैयार नहीं हैं।
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देशभर में 29 वां राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा सप्ताह मनाया जा रहा है। एक अनुमान के मुताबिक वर्षभर में बिजनौर जिले में करीब 450 लोगों की जान विभिन्न सड़क हादसों की वजह से होती हैं। अधिकांश दुर्घटनाएं यातायात नियमों का पालन नहीं करने से होती है। बार-बार लोगों को समझाया जाता है कि ट्रैफिक नियमों की अनदेखी न करें। सुरक्षित चलें, सुरक्षित चलाएं। लोग अपने जरा से स्वार्थ के चलते वाहनों पर क्षमता से अधिक भार लेकर चलते हैं। इससे वाहन अनियंत्रित होकर दुर्घटनाग्रस्त हो जाते हैं। कई बार वाहनों का चालान कर दिया है। कभी-कभी चेतावनी देकर भी छोड़ दिया जाता है।
गलत दिशा से ओवरटेक करना और ओवर स्पीडिंग लोगों की जान की दुश्मन बन रही है। लाख समझाने के बाद भी लोग नियमों का पालन करने को तैयार नहीं हैं। कई बार वाहनों के चालान, सीज करना आदि कार्रवाई भी परिवहन विभाग और यातायात पुलिस द्वारा की जाती हैं, लेकिन इसके बावजूद नियमों को तोड़ने वाले लोग अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहे हैं।
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आजकल की भागदौड़ भरी इस जिंदगी में हर आदमी को जल्दी रहती है। एआरटीओ प्रवर्तन रमेश कुमार चौबे कहते हैं कि ओवरटेक जल्दबाजी में कभी न करें। रूट खुला मिलने पर ही आगे निकलें। ऐसा करने से ट्रैफिक नियमों का पालन भी होगा और सड़क दुर्घटनाएं भी रुकेंगी। एआरटीओ ने सभी लोगों से अपील की है कि यातायात नियमों का पालन कर दुर्घटनाओं से खुद भी बचें तथा दूसरों को भी बचाएं।

दुर्घटना से पूरे परिवार को होता है नुकसान
यह बात जानते हुए भी कि किसी के साथ घटी दुर्घटना का प्रभाव एक व्यक्ति तक सीमित नहीं रहता, बल्कि पूरे परिवार को इसका खामियाजा भुगतना पड़ता है। फिर भी वाहन चालक ट्रैफिक नियमों को तोड़ने से बाज नहीं आते। सुरक्षित रहने के लिए सभी को यातायात नियमों का पालन करना चाहिए। अपने साथ-साथ औरों को भी ऐसा करने के लिए प्रेरित करना चाहिए।
गलत साइड से ओवरटेक में युवा सबसे आगे
जल्दबाजी के चक्कर में अधिकांश युवा किसी भी साइड से ओवरटेक करते हैं। इस कारण सामने से आ रहे वाहनों से उनकी टक्कर हो जाती है। कभी-कभी दोनों वाहनों के बीच में साइड लगने से गाड़ी पलट जाती है।
शराब पीकर न चलाएं वाहन
शराब पीकर वाहन चलाना अपराध की श्रेणी में आता है। आज के दौर में शराब पीकर वाहनों का संचालन करना मानो लोगों का स्टेटस बन गया है। ऐसे वाहन चालकों पर पुलिस कई बार कार्रवाई करती है, लेकिन ये अपनी आदत से बाज आने को तैयार नहीं हैं।
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