बिजनौर। जन धन योजना में खुले खातों को सरकार एक दिन के लिए बिना ब्याज के ऋण देने की तैयारी कर रही है। इससे जिले में छोटा कारोबार करके गुजर बसर करने वाले दुकानदारों को बहुत फायदा होगा। ये लोग सूदखोरों के चंगुल में नहीं फंसेंगे। ऐसे दुकानदारों से सूदखोर एक दिन के लिए कर्ज में दी गई रकम पर पांच से दस प्रतिशत तक ब्याज लेते हैं।
जनता को बैंकों से जोड़ने के लिए केंद्र सरकार ने साल 2014 में जन धन योजना शुरू की थी। योजना में उपभोक्ताओं के खाते प्राथमिकता पर बिना आईडी के खोले गए थे। इस योजना में खाते खुलवाने के लिए जिले में भी उपभोक्ताओं की बैंकों में भारी भीड़ उमड़ी थी। जून 2017 तक इस योजना में जिले में चार लाख 58 हजार 232 खाते खुले थे। इस योजना में खाता खुलवाने वाले उपभोक्ताओं को अब सरकार 24 घंटे प्रति दिन के लिए ऋण बिना ब्याज के देने के लिए योजना बना रही है। इससे जिले के उपभोक्ताओं को बहुत फायदा होगा। जिले के छोटे दुकानदार अपनी रोजीरोटी कमाने के लिए किसी सूदखोर के चंगुल में फंसने को मजबूर नहीं होंगे। जिले के छोटे दुकानदार सूदखोरों से एक दिन के लिए पांच से दस प्रतिशत तक ब्याज लेते हैं। यानि अगर कोई सुबह को 100 रुपये कर्ज लेगा तो शाम को उसे 105 से 110 रुपये तक देने होते हैं।
पहले थी यह व्यवस्था
जन धन योजना में खाता खुलवाने वालों को पांच हजार रुपये का ओवर ड्राफ्ट दिए जाने की योजना थी। जिन उपभोक्ताओं में किसी सब्सिडी या योजना की राशि आती है, उनको इस ओवर ड्राफ्ट योजना का लाभ मिलता है। हालांकि योजना का लाभ देना या न देना बैंक प्रबंधक के विवेक पर निर्भर है।
अब यह हुआ परिवर्तन
किसी भी योजना में एक दिन के लिए कर्ज लेकर उसी दिन जमा करने पर ब्याज नहीं लगता है। पहली रात के साथ ब्याज लगना शुरू होता है। लेकिन नई योजना के अनुसार सुबह 11 बजे से पहले ऋण लेने पर अगले दिन 11 बजे से पहले ऋण चुकाने पर ब्याज नहीं लगेगा।
जिला अग्रणी प्रबंधक अजय कुमार के अनुसार नई योजना के संचालन से कम आय वाले दुकानदारों को फायदा होगा। पात्रों को योजना का लाभ दिया जाएगा।