नगीना। प्रदेश सरकार की एक जिला-एक उत्पादन नीति की घोषणा के बाद नगीना के विश्व विख्यात काष्ठ कला उद्योग के अच्छे दिन आने की संभावनाएं बढ़ गई हैं। प्रदेश सरकार की इस योजना का काष्ठकला उद्यमियों ने स्वागत किया है।
प्रदेश सरकार द्वारा प्रथम यूपी दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा वेस्ट यूपी के उत्पादों के विकास के संबंध में जारी नीति का नगीना काष्ठ कला उद्योग से जुड़े कारोबारियों ने स्वागत किया है। नगीना क्राफ्ट डेवलेपमेंट सोसायटी के अध्यक्ष इरशाद अली मुलतानी ने बताया कि वर्तमान में नगीना काष्ठ कला उद्योग से करीब 90 करोड़ रुपये प्रतिवर्ष का निर्यात विदेशों को किया जाता है। इसमें अमेरिका, गल्फ के देशों में नगीना काष्ठ कला के उत्पादों की काफी डिमांड है। इस उद्योग से करीब आठ हजार से अधिक मजदूर जुड़े हुए हैं।
करीब एक हजार छोटी बड़ी इकाईयां शहर और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में कार्य कर रहीं हैं। काष्ठ कला की कुछ बड़े इकाईयों के स्वामी सीधे विदेशों को निर्यात करते हैं जिसमें रॉयल हैंडीक्राफ्ट के जुल्फिकार आलम, नगीना इंटरनेशनल के सलीम अहमद, स्टार हैंडीक्राफ्ट के खुर्शीद कुरैशी प्रमुख हैं। जुल्फिकार आलम का कहना है कि एक जिला-एक उत्पाद नीति से काष्ठ कला का विकास किया जा सकता है। यदि सरकार उचित दामों पर रॉ मैटीरियल और यातायात की सुविधाओं के अलावा बैंक की सुविधाएं सरलता पूर्वक उपलब्ध करा दे तो विकास की बहुत अधिक संभावनाएं हैं।