नगीना। नगरपालिका नगीना के निकाय चुनाव व नगरपंचायत बढ़ापुर के अध्यक्ष पदों के उम्मीदवारों के लिए चुनाव चिह्न आवंटित किए जाने के बाद से सभी उम्मीदवारों ने प्रचार का कार्य शुरू कर दिया है।
नगरपालिका नगीना के अध्यक्ष पद के लिए भाजपा की मोनिका दीक्षित को कमल, सपा की शादाब जहां को साइकिल, बसपा की दयावती को हाथी, ताहिरा खलील को कंघा, जुबैदा परवीन को वायुयान, अलमास जहां को स्कूटर, राजेंद्र कौर को रिक्शा, मुकीमा को लड़का-लड़की, खैरूनिशा को पंजा, शबनम जहां को झाड़ू, शमा को हेलीकॉप्टर, गुलजार जहां को टेबल फेन, अफरोज को फूल और घास, सुमित्रा देवी को अनार के चुनाव चिन्ह आवंटित किए गए हैं।
उधर बढ़ापुर नगरपंचायत अध्यक्ष पद के लिए भाजपा के संजीव कुमार को कमल, बसपा के अबरार अहमद को हाथी, भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के निशात को हाथ, सपा के अब्दुल बली को साइकिल, शबाना अंसारी को झाड़ू, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी मार्क्सवादी के शराफत हुसैन को हथौड़ हंसिया और सितारा, अतीक को टेबल फैन, मोहम्मद आबिद को सितारा, नासिर को लड़का लड़की, महेंद्र कुमार को स्कूटर, मुकीम अहमद को रिक्शा, शमीम अहमद को जीप, शमीमा को वायुयान का चुनाव चिह्न आवंटित किया गया है।
आरओ बाबूराम ने बताया कि सभी उम्मीदवारों को निर्धारित समय सीमा के भीतर चुनाव चिह्नों का आवंटन किया गया है। चुनाव चिह्न आवंटन के लिए उम्मीदवारों का सुबह से ही अपने समर्थकों के साथ पहुंचना शुरू हो गया था। साथ ही नगीना व बढ़ापुर से सभासद के सभी उम्मीदवारों को भी चुनाव चिह्न आवंटित कर दिए गए हैं। एसडीएम उमेश कुमार मिश्र, सीओ महेश कुमार भारी पुलिस बल के साथ मौजूद रहे।
गोली डालकर चुनाव चिह्न आवंटित
नगीना में अध्यक्ष पद के पांच उम्मीदवारों ताहिरा खलील, मुकीमा, शमा परवीन, गुलजार व अफरोज ने चुनाव चिन्ह लड़का-लड़की की मांग की थी। इस पर आरओ बाबूराम ने पांचों उम्मीदवारों की गोली डाल कर चुनाव चिन्ह आवंटन किए जाने की बात कही। पांचों उम्मीदवारों व उनके समर्थकों के समक्ष गोली डाली गई। इसमें उम्मीदवार मुकीमा को लड़का लड़की का चुनाव चिन्ह दिया गया।
गौरतलब है कि गत पालिका चुनाव में निवर्तमान पालिकाध्यक्ष शेख खलीलुर्रहमान ने लड़का लड़की के चुनाव चिन्ह पर चुनाव लड़ा था । इस चुनाव चिन्ह को भाग्यशाली मानते हुए पुन: यहीं चुनाव चिन्ह मांगा था ,लेकिन इस बार उन्हें यह चुनाव चिन्ह प्राप्त नहीं हो सका। इसके बाद उन्होंने कंघी चुनाव चिन्ह की मांग की और चुनाव चिन्ह कंघी स्वीकार किया।