शिक्षकों को दी डेंगू और चिकनगुनिया की जानकारी
बिजनौर।
डेंगू और चिकनगुनिया से बचाव के लिए स्वास्थ्य विभाग ने शिक्षकों की बैठक ली। जिसमें स्वास्थ्य अधिकारियों ने दोनों बीमारियों के लक्षण और बचाव के विषय में बताया गया। शिक्षकों से हर रविवार को सूखा दिवस मनाने का भी आह्वान किया गया, जिसमें घर की सभी वस्तुओं को सूखाने को कहा गया।
जुलाई माह में डेंगू का संचरण काल शुरू हो जाता है। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह सतर्क है। टाउन हाल में बृहस्पतिवार को स्वास्थ्य विभाग की ओर से शिक्षकों को प्रशिक्षण दिया गया। सीएमओ डा. राकेश मित्तल ने बताया कि शिक्षक प्रार्थना स्थल पर बच्चों को डेंगू और चिकनगुनिया के लक्षण और बचाव की जानकारी दे। छात्र छात्राओं से स्कूल में फुल पेंट और कमीज पहनकर आने को कहे। स्कूल में नियमित साफ सफाई और कीटनाशक का छिड़काव कराएं। उन्होंने बताया रविवार को सभी अपने घरों में सूखा दिवस मनाए और घरों में रखी वस्तुओं को सही ढंग से सुखाएं। घर में रखे पेड़ पौधों की भी साफ सफाई करें। कार्यक्रम में डीएमओ ब्रजभूषण, एसीएमओ एसके निगम, जीआईसी बिजनौर के प्रधानाचार्य सुभाष चंद, आशुतोष व सैकड़ों शिक्षक उपस्थित रहे।
डेंगू और चिकनगुनिया के लक्षण
-अचानक तेज सिरदर्द और बुखार का होना।
- मांसपेशियों तथा जोड़ो में दर्द होना।
- आंखों के पीछे दर्द होना, जो कि आंखों को घुमाने से बढ़ता है।
- जी मिचलाना एवं उल्टी होना।
- गंभीर मामलों में नाक, मुंह, मसूड़ों से खून आना अथवा त्वचा पर चकत्ते उभरना।
सावधानी
-घर में या आसपास पानी जमा नहीं होने दे।
-पानी से भरे बर्तन व टंकियों को ढककर रखे।
-सप्ताह में कूलर को खाली करके सुखा ले।
-इन दिनों में शरीर पर पूरे कपड़े पहले, जिससे मच्छर नहीं काटें।
-अधिक बुखार आने पर चिकित्सक की सलाह ले।