आठ महीने में मिले मधुमेह के 13 हजार मरीज
बिजनौर। जिले में कोरोना भले ही अब तक नियंत्रण में हो लेकिन, मधुमेह की बीमारी नियंत्रण से बाहर होती जा रही है। केवल आठ महीने में ही जिले में मधुमेह के 13 हजार से अधिक रोगी मिल चुके हैं। ये आंकड़े भी केवल सरकारी संस्थाओं के हैं। अगर निजी चिकित्सकों की यहां के मरीजों के भी इस तरह के आंकड़े जोड़े जाएं तो यह आंकड़ा कहीं अधिक होगा।
जिला खेती पर आधारित है और यहां पर 60 प्रतिशत से अधिक आबादी खेती में ही लगी है। ऐसा जिला होने के बाद भी यहां पर मधुमेह के रोगी लगातार बढ़ रहे हैं। जिले में आमतौर पर सभी सीएचसी व पीएचसी पर मधुमेह के रोगियों की जांच होती है। जांच में चौंकाने वाले नतीजे सामने आ रहे हैं। जिले में इस साल केवल अप्रैल सेे नवंबर तक आठ माह में ही मधुमेह के 13 हजार 51 केस मिल चुके हैं। ये वे मरीज हैं जिनमें पहली बार मधुमेह की पुष्टि हुई है और जिन्होंने अपनी जांच जिला अस्पताल, सीएचसी या पीएचसी पर कराई है। इनमें निजी अस्पताल के आंकड़े नहीं हैं। अगर निजी अस्पताल के मामले भी कहीं से लिए जाएं तो यह आंकड़ा तीन गुना से भी अधिक बढ़ सकता है। इसके अलावा आठ महीनों में ही ब्लड प्रेशर के भी सात हजार 720 मरीज मिले हैं। इन मरीजों में भी पहली बार ब्लड प्रेशर बढ़ने की शिकायत मिली है।
अनियमित खानपान से हो रहे बीमार
मधुमेह के लिए अनियमित खानपान, व्यायाम से दूरी और अव्यवस्थित रहन सहन जिम्मेदार है। फास्ट फूड की आदत, रात को देर से सोना और सुबह देर से उठना लोगों की दिनचर्या में शामिल हो चुका है। मधुमेह को केवल व्यायाम और खानपान पर नियंत्रण करके ही काबू पाया जा सकता है।
ये हैं मधुमेह के लक्षण
- मधुमेह बढ़ने पर मरीज को बार बार पेशाब आता है।
- शरीर में थकान रहती है।
- वजन कम होने लगता है।
- अधिक भूख लगती है।
- आंखें कमजोर होने लगती हैं।
ये होता है नुकसान
मधुमेह का शरीर पर बहुत बुरा असर पड़ता है। यह किडनी, हृदय, फेफडे़, पैंक्रियाज और आंखों को बुरी तरह प्रभावित करता है। समय से ध्यान न देने पर यह शरीर को खोखला कर देता है। जिला अस्पताल में चिकित्सक डॉ. एचएम गुप्ता के अनुसार खुद को हर हाल में शुगर से बचाकर रखना चाहिए। सभी लोग खाने पीने का ध्यान रखें और व्यायाम जरूर करें। समय समय पर खून की जांच कराते रहें।