शेरकोट के गांव कंदला शाहकोट में लगी आग से जलीं झोपड़ियां।
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हरेवली में कंदला शाहकोट में एक दर्जन से ज्यादा घर स्वाह हो गए। आग की चपेट में आने से ग्रामीणों का लाखों का सामान जलकर बेकार हो गया। चार मवेशी आग की चपेट में आने से झुलस गए। आग लगने का पता नहीं चल पाया।
ग्रामीणों ने बमुश्किल दमकल टीम के पहुंचने से पहले आग पर काबू पा लिया। ग्रामीणों का आरोप है कि दमकल की गाड़ी में पानी तक की व्यवस्था नहीं थी। गांव के ट्यूबवेल से पानी भरने के बाद दमकल टीम ने बुझी बुझाई आग पर पानी डाला। ग्रामीणों के अनुसार आग लगने का कारण नहीं मालूम चल पाया। गांव कंदला शाहकोट में आग की चिंगारी से उस समय तेज लपटें उठने लगी जब ग्रामीण खेतों पर काम करने गए हुए थे। घरों में बच्चें खेल कूद रहे थे। आग लगने से बच्चों में चीखपुकार मच गई। भागकर बच्चों ने परिजनों को बुलाने खेत पहुंचे, तब तक आग ने 13 झोपड़ी से बने घरों को अपनी चपेट में ले लिया। आग गांव के हरपाल के घर से शुरू होकर मानसिंह के घर पर पहुंचकर खत्म हुई। इस बीच के सभी घरों में आग की तेज लपटे उठने लगी। बमुश्किल भाग दौड़कर खेतों से घर पहुंचे ग्रामीणों ने आग पर काबू पाया। तब आग की चपेट में आने से गांव के हरपाल, लाल बहादुर, ओमपाल, घनश्याम, मुन्ने, महेंद्र, खूब सिंह, रोहिताश, कृपाल, भूरे, रामकुमार, मान सिंह के घर में रखा अनाज, कपड़े, बर्तन, बोरिंग पंपी सेट, बिस्तर, चारपाई सब कुछ स्वाह हो चुका था। आग की चपेट में आने से पशुपालकों के चार पशु भी झुलस गए। ग्रामीणों का आरोप है कि जब तक दमकल टीम गांव में पहुंची तब तक ग्रामीणों ने आग पर काबू पा लिया था। करीब दो घंटे बाद दमकल टीम गांव में पहुंची। आरोप है कि दमकल की गाड़ी में आग बुझाने के लिए पानी भी नहीं था। गांव में ही ट्यूबवेल से गाड़ी में पानी भरा। उधर, तहसीलदार सुरेश कुमार का कहना है कि मौके पर टीम भेजकर नुकसान का जायजा लिया जा रहा है। मुआवजा के लिए शासन को रिपोर्ट भेजी जाएगी।