घनश्याम हत्याकांड में संजीव को आजीवन कारावास
बिजनौर। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश सुनील कुमार ने रेलवे के गेटमैन घनश्याम सैनी की हत्या में आरोपी संजीव त्यागी को आजीवन कारावास और 20 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है।
शासकीय अधिवक्ता राजेंद्र शर्मा के अनुसार रेलवे के बिजनौर में तैनात सेक्शन इंजीनियर सत्यपाल सिंह ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि थाना हीमपुरदीपा के गांव पिलाना निवासी घनश्याम सैनी की तैनाती उत्तर रेलवे के हल्दौर से चांदपुर के बीच रेलवे क्रासिंग पिलाना फाटक पर गेटमैन के रूप में थी। 17/18 मई 2013 की रात को अज्ञात लोगों ने घनश्याम की धारदार हथियारों से हत्या कर दी थी। उसका शव फाटक के बरामदे में पड़ा मिला था। यह मामला दर्ज होने के बाद पुलिस विवेचना में संजीव कुमार त्यागी उर्फ बाबा और मोनू त्यागी निवासी पिलाना के नाम सामने आए थे। यह पता चला कि घटना वाली रात संजीव त्यागी और मोनू त्यागी ट्रैक्टर लेकर फाटक पर आए थे और फाटक के पास खडे़ सरकारी नल पर शराब पी रहे थे।
घनश्याम ने इन दोनों को शराब पीने से मना किया था। आपस में बोलचाल हो जाने पर घनश्याम ने उन्हें जेल भिजवाने की बात कही थी। जिस पर इन दोनों ने घनश्याम की हत्या कर दी। पुलिस ने 25 जुलाई 2013 को दबिश देकर संजीव त्यागी और मोनू त्यागी को गिरफ्तार किया था। इस हत्याकांड में प्रयुक्त कुल्हाड़ी संजीव त्यागी की निशानदेही पर बरामद की थी। इस मुकदमे की सुनवाई के दौरान मोनू त्यागी की मौत हो गई। कोर्ट ने उपलब्ध साक्ष्यों और गवाहों के बयान के आधार पर घनश्याम की हत्या का दोषी पाते हुए संजीव त्यागी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।