कालागढ़ (बिजनौर)। पीजीआई लखनऊ की रिपोर्ट में कालागढ़ के वन दरोगा की मौत का कारण स्वाइन फ्लू आया है। इस खुलासे के बाद स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया है। कार्बेट टाइगर रिजर्व व नेशनल पार्क की ओर से भी स्वाइन फ्लू से बचाव के लिए स्वास्थ्य विभाग से जानकारी मांगी गई है।
कालागढ़ निवासी कार्बेट टाइगर रिजर्व के कालागढ़ उपखंड में तैनात वन दरोगा दयाशंकर चौरसिया की रविवार को लखनऊ में मौत हो गई थी। पीजीआई लखनऊ के माइक्रोबायोलॉजी विभाग ने दरोगा की मेडिकल रिपोर्ट में एच1एन1पीबी9 वायरस के पॉजिटिव होने की पुष्टि की है। इससे स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया है। पौड़ी के डिप्टी सीएमओ डा. एचसी मर्तोलिया ने इसकी पुष्टि की है। बताया कि विभाग को अब लखनऊ से आने वाली रिपोर्ट का इंतजार है।
ऐसे मामले में पीजीआई स्वयं ही रिपोर्ट विभाग को भेजता है। तब कोई टीम प्रभावित क्षेत्र में जाकर काम करती है। उन्होंने बताया छींकने, हाथ मिलाने तक से यह वायरस संक्रमण कर सकता है। ऐसे में यदि किसी को कोई जुकाम आदि की शिकायत हो तो वह सीधे कालागढ़ पीएचसी में जाकर संपर्क करे। दूसरी ओर, स्वाइन फ्लू से वन दरोगा की मौत के बाद कालागढ़ की जनता में दहशत है। इसके संक्रमण से बचाव के लिए जनता ने स्वास्थ्य विभाग से टीम को शीघ्र कालागढ़ भेजने की मांग की है। उधर कालागढ़ के उप प्रभागीय वनाधिकारी आरके तिवारी ने बताया कि दरोगा की मौत पर दुख जताया है।