24 दिन बाद मिला गंगा में डूबी सरस्वती का शव
मंडावर। 24 अगस्त को गंगा में नाव पलटने से डूबी एक किशोरी का शव घटना के 24 दिन बाद बरामद हुआ है। शव बुरी तरह से गल चुका था। शव की शिनाख्त कपड़ों से की गई। गंगा में डूबी पांच महिलाएं अब भी लापता हैं। परिजन उन्हें अब भी गंगा की लहरों में तलाश कर रहे हैं। पोस्टमार्टम के बाद शव का अंतिम संस्कार कर दिया गया।
खादर क्षेत्र के गांव डेबलगढ़ के गांव वालों की नाव गंगा पार से चारा लाते वक्त गांव चाहड़वाला के सामने 24 अगस्त को गंगा की बीच धारा में पलट गई थी। हादसे में 28 लोग गंगा की लहरों में बह गए थे। इनमें से 17 को बचा लिया गया था। हादसे से क्षेत्र में हड़कंप मच गया था। सर्च अभियान में गंगा में डूबे चार महिलाओं नगिनी पत्नी जय सिंह, मीना पत्नी मूला, सिया पत्नी मांगेराम, परवेश पत्नी राजवीर के शव मिल गए थे। बाद में सर्च आपरेशन बंद करा दिया गया था। सोमवार शाम गांव वालों को सरस्वती पुत्री साहब सिंह का शव गंगा बैराज के पास तट किनारे झाड़ियों में अटका मिला। शव बुरी तरह से सड़ चुका था और उससे दुर्गंध आ रही थी। शव के कपड़ों से सरस्वती की शिनाख्त की गई। सरस्वती का शव मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया। पुलिस को इसकी सूचना दी गई। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया। शव को परिजन पोस्टमार्टम के बाद सीधे गंगा घाट पर ले गए और अंतिम संस्कार कर दिया। कविता पुत्री नरदेव, फिरोजा पुत्री इस्लामुद्दीन, सुनीता पत्नी सोनवीर व अनीता उर्फ ब्रजवाला पत्नी अनिल व कुसुम पत्नी वेदपाल का अभी कुछ पता नहीं चला है। एक अज्ञात भी लापता है। परिजन अपनों की तलाश में अब भी गंगा की लहरों में उन्हें तलाश करते घूम रहे हैं।