छह चीनी मिलों ने शुरू नहीं की मरम्मत
बिजनौर। शासन ने जिले की चीनी मिलों की मशीनों की मरम्मत शुरू होने की स्थिति के बारे में रिपोर्ट तलब की है। जिले की छह चीनी मिलों ने मशीनों की मरम्मत शुरू नहीं की है। गन्ना विभाग मिलों को कारण बताओ नोटिस भेज रहा है। शासन ने चीनी मिलों को चलाने की तारीखों का एलान कर दिया है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश की चीनी मिलें 15 अक्टूबर से पांच नवंबर के बीच चलेंगी ।
जिले में गन्ने का रकबा इस साल 2,20,368 हेक्टेयर है। यह पिछले साल के मुकाबले करीब आठ हजार हेक्टेयर अधिक है। पिछले साल के मुकाबले अगैती प्रजाति के गन्ने का रकबा करीब पांच प्रतिशत बढ़ा है। इस साल गन्ने की औसत पैदावार 784 क्विंटल प्रति हेक्टेयर से बढ़कर 833.94 क्विंटल प्रति हेक्टेयर होने का अनुमान है। इससे जिले में गन्ने का उत्पादन करीब तीन करोड़ क्विंटल बढ़ेगा। इसको देखते हुए शासन, प्रशासन चीनी मिलों को समय से चलाने के लिए प्रयासरत है। गन्ना विभाग के जिला सांख्यिकी अधिकारी विकल भारती के अनुसार शासन ने मशीनों की मरम्मत शुरू होने की रिपोर्ट मांगी है। जिले में नौ चीनी मिल हैं, बिजनौर और चांदपुर चीनी मिलों के संचालन का मामला अनसुलझा है। धामपुर, स्योहारा, अफजलगढ़, बूंदकी चीनी मिलों ने मशीनों की मरम्मत शुरू नहीं की है। बरकातपुर, बिलाई, नजीबाबाद चीनी मिलों की मशीनों की मरम्मत शुरू हो गई है।
वेव ग्रुप की ओर से नहीं मिली जानकारी
बिजनौर। गन्ना विभाग के जिला सांख्यिकी अधिकारी विकल भारती के मुताबिक वेव समूह की ओर से बिजनौर और चांदपुर चीनी मिलों की मरम्मत शुरू कराने के बारे कोई अधिकृत सूचना विभाग को नहीं दी है। विभाग सभी मिलों से रोजाना जानकारी ले रहा है। विभाग चीनी मिलों को अक्टूबर के पहले सप्ताह में चलाने की तैयारियों में जुटा है। वहीं, बिजनौर चीनी मिल की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया है कि वेव समूह प्रबंधन ने शासन से हुई वार्ता के बाद बिजनौर, चांदपुर चीनी मिलों की मशीनों की मरम्मत का आंकलन करने का निर्देश दिए हैं।