हसनपुर। उत्तराखंड में बस हादसे में 48 यात्रियों की मौत हो गई। हादसे की वजह जो भी लेकिन बस में क्षमता से दोगुनी सवारी भरी थी ये बात सामने आ चुकी है। बावजूद इसके जिले में परिवहन विभाग आंख मूंदे हूए। जिले की सड़कों पर दौड़ने टैंपो में क्षमता से दोगुने यात्री ढोए जा रहे हैं। लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हो रही है।
हसनपुर-रहरा मार्ग पर डग्गामार वाहनों की भरमार है। लोग अपनी जान की परवाह किए बिना ही डग्गामार वाहनों की छत पर बैठकर सफर करते हैं। इससे प्रशासन अनजान बना हुआ है जबकि डग्गामार वाहनों से आए दिन क्षेत्र में किसी न किसी जगह हादसे होते रहते हैं। फिर भी पुलिस प्रशासन इस ओर कोई ध्यान नहीं देता है। हसनपुर के रहरा गवां मार्ग पर डग्गामार वाहन धड़ल्ले से दौड़ते हैं। पुलिस या परिवहन विभाग का कोई अधिकारी भी मौके पर नहीं पहुंचता है। जब कोई हादसा होता है तो अधिकारियों की आंखे खुलती है। इसके बाद खानापूर्ति कर दी जाती है। एआरटीओ एके सिंह राजपूत ने बताया कि डग्गामार वाहनों पर लगातार शिकंजा कसा जा रहा है। ढाई सौ छोटे बड़े वाहन सीज और चालान किए गए हैं। करीब चौबीस लाख रुपये जुर्मान के रूप में वसूल किए गए हैं।