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टीबी रोगियों की खोज को 19 से डोर टू डोर अभियान शुरु

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19 से डोर-टू-डोर तलाशे जाएंगे टीबी रोगी
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बिजनौर। टीबी रोगियों को चिह्नित करने के लिए मंगलवार से जिले भर में सक्रिय क्षय रोगी खोज (एसीएफ) अभियान चलाया जाएगा। चार लाख 15 हजार 542 जनसंख्या में से टीबी रोगियों को खोजना है। इसके लिए जिले में 615 कर्मचारियों की 205 टीमों का गठन किया गया है। यह कार्यक्रम 39 पर्यवेक्षक और 14 नोडल अफसरों की निगरानी में चलेगा। 19 से 29 जून तक चलने वाले वर्ष 2018-19 के प्रथम चरण के लिए इस अभियान में आशा, आंगनबाड़ी, एएनएम, एनजीओ आदि का सहयोग लिया जाएगा।
केंद्र सरकार का वर्ष 2025 तक भारत को टीबी मुक्त करने का लक्ष्य है। भारत को टीबी से मुक्त करने के लिए देशभर में टीबी रोगियों की पहचानकर उनका उपचार करने के लिए मुहिम चलाई जा रही है। यह अभियान जिला अस्पताल सहित जिले के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों धामपुर, हल्दौर, किरतपुर, कासमपुरगढ़ी, नगीना, नहटौर, नूरपुर, स्याऊ तथा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों कोतवाली, मंडावली और नजीबाबाद के माध्यम से गांव-गांव डोर टू डोर चलाया जाएगा। जिले के सभी ब्लॉक में टीबी रोगियों की सक्रिय जांच के लिए 615 कर्मचारियों की 205 टीमें गठित की गई हैं। इनकी मॉनिटरिंग के लिए 39 पर्यवेक्षक और 14 नोडल अफसर लगाए गए हैं। जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. बीएस रावत ने बताया कि उनकी कोशिश रहेगी की जिला जल्द से जल्द टीबी मुक्त हो जाए। जिले की 14 लैब के माध्यम से सैंपल की जांच की जाएगी।
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सरकार प्रति व्यक्ति खर्च करती है करीब 24 हजार रुपये
फोटो समाचार
बिजनौर। भारत में हर साल टीबी से करीब 28 लाख लोगों की मौत हो जाती है। उत्तर प्रदेश में मरने वालों की संख्या एक लाख के आसपास होती है, जबकि बिजनौर जिले में प्रतिवर्ष करीब 250 लोग काल के गाल में समा जाते हैं। यह बात जिला क्षय रोग अधिकारी डा. बीएस रावत ने कही। जिला क्षय रोग अधिकारी ने कहा कि विश्व स्वास्थ्य संगठन के आंकड़ों पर गौर करें तो टीबी से मरने वालों की श्रेणी में भारत नंबर वन पर है। जागरूकता नहीं होने और दवा नहीं लेने से ज्यादातर लोगों की जान जाती है। उन्होंने बताया कि सामान्य स्थिति में प्रति वर्ष एक व्यक्ति पर करीब 24 हजार रुपये खर्च होते हैं। डा. रावत ने कहा कि सामान्य रोगी का 11 महीने और गंभीर रोगी को 27 महीने तक डॉटस के माध्यम से इलाज किया जाता है। यदि मरीज लगातार इलाज करता है तो उसके पूर्ण रूप से ठीक होने की संभावना रहती है। इस अवसर पर सीएमओ राकेश मित्तल, डीएमओ ब्रजभूषण सिंह, एसीएमओ पीआर नायर, प्रवीण कुमार, नितिन श्रीवास्तव, नकुल कुमार आदि मौजूद रहे।
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