नजीबाबाद। रेलवे कोटद्वार और गजरौला ब्रांच लाइन पर करोड़ों रुपये की लागत से 11 अंडरपास बनाएगा। कोटद्वार-नजीबाबाद सेक्शन में तीन और मौअज्जमपुर-गजरौला सेक्शन के मानव रहित रेलवे क्रॉसिंग पर चार अंडरपास बनाए जाएंगे।
मानव रहित रेलवे क्रॉसिंग पर होने वाली दुर्घटनाओं को रोकने के लिए रेलवे ने एलएचएस (लिमिटिड हाईट सबवे) और आरओबी (रेलवे ओवर ब्रिज) बनाने का निर्णय लिया है। नजीबाबाद-कोटद्वार ब्रांच लाइन पर रेलवे क्रॉसिंग 11, 12 और 15 पर लगभग छह करोड़ रुपये की लागत से तीन अंडरपास बनाए जाएंगे। मौअज्जमपुर-गजरौला ब्रांच लाइन पर मौअज्जमपुर रेलवे स्टेशन से हल्दौर के बीच मानव रहित रेलवे क्रॉसिंग पर आठ अंडरपास बनाए जाएंगे। रेलवे ने जनहित में तत्काल प्रभाव से कोटद्वार और गजरौला ब्रांच लाइन पर मानव रहित रेलवे क्रॉसिंग पर अंडरपास बनाने का काम शुरू किया गया है। कोटद्वार ब्रांच लाइन पर मथुरापुर मोर के मानव रहित रेलवे क्रॉसिंग पर अंडरपास बनाने का काम शुरू होते ही क्षेत्र के लोगों ने विरोध शुरू कर दिया। सोमवार को क्षेत्रवासियों ने रेलवे क्रॉसिंग पर प्रदर्शन करते हुए अंडरपास न बनाकर आरओबी बनाने की मांग की।
रेलवे के प्रवर मंडल अभियंता प्रथम पारितोष गौतम ने बताया कि रेल मंत्रालय ने जनहित में सभी मानव रहित रेलवे क्रॉसिंग पर तत्काल प्रभाव से एलएचएस और आरओबी बनाने का फैसला किया है ताकि कुशीनगर में रेल दुर्घटना में हुई स्कूली बच्चों की दर्दनाक मौत प्रकरण जैसी पुनरावृत्ति न हो। बताया कि एलएचएस बनाने से पूर्व क्षेत्र के लोगों ने जनहित में एलएचएस बनाने की सहमति दी थी। जिला प्रशासन की स्वीकृति के बाद रेल प्रशासन ने एलएचएस बनाने का काम शुरू किया है। उन्होंने कहा कि रेलवे अंडरपास बनने से स्कूली बच्चों और क्षेत्र की जनता को मानव रहित रेलवे क्रॉसिंग से होने वाली असामयिक दुर्घटनाओं से राहत मिलेगी।