शेरकोट। सामाजिक संगठनों ने खो नदी में गिर रही नगर की गंदगी को लेकर सिंचाई विभाग के खिलाफ जमकर विरोध प्रदर्शन किया। आरोप है कि सिंचाई विभाग की अनदेखी से जीवनदायिनी खो नदी में प्रतिदिन सैकड़ों टन गंदगी बह रही है। नदी की स्वच्छता को लेकर सिंचाई विभाग ने कभी अभियान नहीं चलाया। न ही गंदगी को रोकने के लिए कोई प्रयास किया।
रविवार को हिंदू जागरण मंच, रूहेला क्षत्रिय महासभा, भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा सहित कई संगठनों ने खो नदी में बहने वाली नगर की गंदगी को लेकर सिंचाई विभाग के खिलाफ प्रदर्शन कर आक्रोश जताया। आरोप है कि पूरे नगर की गंदगी निकलने का कोई रास्ता नहीं है। गंदगी नाले से होकर सीधे खो नदी में गिरती है। सिंचाई विभाग की अनदेेेखी से गंदगी करने वालों को बढ़ावा मिल रहा है। नगरवासी पालीथीन से लेकर तमाम जहरीले पदार्थ इसमें डालते हैं। गैर राज्यों में पहुंचकर जीवनदायिनी का काम करने वाले खो नदी आज अपने अस्तित्व को लेकर लड़ाई कर रही है। सरकार ने भी खो नदी की स्वच्छता को लेकर भी कुछ नहीं किया है। पालिका भी गंदगी पर मूकदर्शक बनी हुई है। आज तक पालिका के बजट में खो नदी में बहने वाले गंदे पानी को लेकर चर्चा तक नहीं की गई। संगठनों के पदाधिकारियों ने चेताया यदि जल्द ही विभागीय स्तर पर इसके लिए कोई योजना तैयार नहीं की गई तो संयुक्त रूप से धरने पर बैठकर आंदोलन करेंगे। प्रदर्शनकारियों में पवन रूहेला, अमित रस्तोगी, रिंकू यादव, सोनू रूहेला, पुनीत शर्मा, नानू रूहेला, अतुल रहे।