बिजनौर। जिले के गन्ने की मिठास देश में सबसे अधिक मिली है। शुगर मिल ने पिछले पेराई सत्र के मुकाबले अब तक 78 लाख क्विंटल अधिक गन्ने की पेराई कर ली है। इसी के साथ चार शुगर मिल गन्ने की आनडेट रिकवरी में कर्नाटक, हरियाणा व पंजाब राज्य को पछाड़कर देश में टॉप फोर पर पहुंच गई हैं। नजीबाबाद व धामपुर शुगर मिल की रिकवरी देश में सबसे अधिक है।
जिले में नौ शुगर मिल हैं। शुगर मिल ने पेराई अक्टूबर के आखिरी सप्ताह में शुरू कर दी थी। डीसीओ ओपी सिंह के अनुसार जिले में अर्ली वैरायटी का रकबा बढ़ा है। शुगर मिलों ने 17 फारवरी तक छह करोड़ पांच लाख क्विंटल गन्ने की पेराई कर ली है। पेराई सत्र 2016-2017 में पांच करोड़ 27 लाख क्विंटल गन्ने की पेराई हुई थी। पेराई सत्र 2013-2014 में पूरे सीजन में मात्र छह करोड़ 64 लाख क्विंटल गन्ने की पेराई हुई थी। नजीबाबाद व धामपुर शुगर मिल की आन डेट रिकवरी 12.75 प्रतिशत रही है। बूुदकी शुगर मिल की रिकवरी 12.67 प्रतिशत व बहादरपुर शुगर मिल की रिकवरी 12.50 प्रतिशत रही है। कर्नाटक, हरियाणा व पंजाब राज्य में गन्ने की अधिकतम रिकवरी 12 प्रतिशत रही है। बिलाई शुगर मिल की रिकवरी 12.31 प्रतिशत, स्योहारा की 12.21 प्रतिशत तथा बरकातपुर शुगर मिल की रिकवरी 12.10 प्रतिशत है।
डीएम गन्ना पेराई को लेकर सख्त
सीडीओ करेंगे गन्ना पेराई की नियमित समीक्षा
गन्ना कलेंडर होगा दुबारा चालू
बिजनौर। डीएम अटल कुमार राय ने शुगर मिल संचालकों को खेतों में खडे़ गन्ने की पेराई समय से करने की सख्त हिदायत दी है। सीडीओ इंद्रमणि त्रिपाठी शुगर मिलों के गन्ना पेराई की नियमित समीक्षा करेंगे। गन्ना विभाग ने गन्ने की समय से पेराई कराने के लिए गन्ना कलेंडर दुबारा चालू करने का निर्णय लिया है।
सीडीओ इंद्रमणि त्रिपाठी ने डीएम के निर्देशों के अनुपालन में जानकारी दी कि किसानों के खेतों में खडे़ एक एक गन्ने की पेराई समय से होगी। इस बारे में गन्ना विभाग ने ब्लु प्रिंट तैयार कर लिया है। डीसीओ ओपी सिंह के अनुसार किसानों के बांड 15 फरवरी से चालू कर दिए गए हैं। बेसिक कोटा की सप्लाई प्राथमिकता से पूरी कराई जाएगी। कलेंडर की सप्लाई पूरी होने की स्थिति में कलेंडर को दुबारा चालू किया जाएगा। किसानों को गन्ना सप्लाई में कोई परेशानी होने दी जाएगी।