सेवायोजन कार्यालय से 70 हजार पंजीकरण रद
बिजनौर।
बेरोजगारी भत्ता क्या बंद हुआ, बेरोजगार युवाओं ने सेवायोजन कार्यालय में अपने पंजीकरण का नवीनीकरण कराना भी बंद कर दिया है। सपा सरकार में जो युवा भत्ता पाने के लिए पंजीकरण की लाइन में सुबह सात बजे से ही जाकर लग जाते थे, अब वे पंजीकरण का नवीनीकरण ही नहीं करा रहे हैं। सेवायोजन कार्यालय ने एक साल में 70 हजार से अधिक बेरोजगारों के पंजीकरण रद किए हैं।
साल 2012 में सपा सरकार में बेराजगारी भत्ते की घोषणा हुई थी। पंजीकरण कराने के लिए बेरोजगारों का सैलाब सेवायोजन कार्यालय में उमड़ने लगा था। हर कोई एक हजार रुपये महीना मिलने वाले बेरोजगारी भत्ते के लिए सुबह से ही लाइन में लग जाता था। हालत ये थी कि सेवायोजना कार्यालय भीड़ के सामने बहुत छोटा पड़ गया तो बाद में आईटीआई कॉलेज में फार्म जमा कराए गए। एक दिन में पांच-पांच हजार तक फार्म जमा हो जाते थे। करीब 5700 बेरोजगारों को एक हजार रुपये प्रतिमाह भत्ता दिया गया। मगर, सपा सरकार जाते ही भत्ता बंद हो गया। इसका असर यह हुआ कि बेरोजगार युवा अपने पंजीकरण का नवीनीकरण कराने पर भी कोई ध्यान नहीं दे रहे हैं। तीन साल दो महीने के बाद भी नवीनीकरण नहीं कराने पर पंजीकरण रद हो जाता है।
ऐसे गिर रहा पंजीकरण का ग्राफ
साल रजिस्ट्रेशन
2012 37,684
2013 94,975
2014 97,470
2015 97,752
2016 41,296
2017 24,500
(नोट: आंकड़े सेवायोजन विभाग से लिए गए हैं)
बेरोजगार युवाओं ने अपने पंजीकरण का नवीनीकरण कराने में दिलचस्पी नहीं दिखाई है। नवीनीकरण न कराने पर करीब 70 हजार युवाओं के पंजीकरण रद कर दिए गए हैं। - संजय कुमार, जिला सेवायोजन अधिकारी।