बिजनौर। किसानों की बृहस्पतिवार को होने वाली महापंचायत को देखते हुए प्रशासन सतर्क हो गया है। प्रशासन ने वेव ग्रुप और बिलाई मिल को नोटिस जारी किया है। नोटिस में वेव ग्रुप से तत्काल भुगतान करने को कहा गया है। चेतावनी दी गई कि आंदोलन के दौरान किसी भी अप्रिय स्थिति के लिए वेव ग्रुप जिम्मेदार होगा। इसके अलाव क्षमता के अनुरूप पेराई न करने वाली चीनी मिलों को भी नोटिस भेजा गया है।
वेव ग्रुप की बिजनौर चीनी मिल पर पिछले पेराई सत्र का 26.50 करोड़ तथा चांदपुर चीनी मिल पर 35.63 करोड़ रुपया बकाया है। बकाया भुगतान के लिए किसान महीनों से आंदोलन कर रहे हैं। मगर, वेव ग्रुप द्वारा अभी तक भुगतान नहीं किया गया है। ग्रुप के अधिकारी शासन से सॉफ्ट लोन मिलने के बाद ही बकाया भुगतान करने की बात कह रहे है। बजाज ग्रुप की बिलाई चीनी मिल पर भी इस साल का करीब 200 करोड़ रुपया बकाया है। भुगतान के मुद्दे पर बृहस्पतिवार को भारतीय किसान यूनियन ने कलक्ट्रेट में महापंचायत बुलाई है। इसे देखते हुए प्रशासन अभी से सतर्क हो गया है। जिला गन्ना अधिकारी यशपाल सिंह ने वेव ग्रुप और मिल के अधिकारियों को नोटिस जारी किया है। कहा है कि किसानों के आंदोलन को देखते हुए ग्रुप तुरंत बकाया भुगतान करें। भुगतान न करने पर अगर किसानों के आंदोलन से कोई अप्रिय घटना होती है तो इसके लिए वेव ग्रुप के अधिकारी जिम्मेदार होंगे। इसके अलावा छह मिलों को भी पेराई कम करने पर नोटिस दिए गए हैं। इन फैक्ट्रियों कर पेराई क्षमता 92 प्रतिशत से कम है।
मिल क्षमता पेराई प्रतिशत
धामपुर 140000 87
स्योहारा 130000 75
बिलाई 90000 82
बहादरपुर 75000 84
चांदपुर 45000 86
बिजनौर 35000 57
नोट: पेराई क्षमता क्विंटल प्रतिदिन के हैं। ये आंकड़े गन्ना विभाग से लिए गए हैं।
सख्त कार्रवाई की
जिला गन्ना अधिकारी यशपाल सिंह के अनुसार गन्ना बकाया भुगतान के लिए वेव ग्रुप के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है। आंदोलन को देखते हुए ग्रुप के अधिकारियों को नोटिस जारी किए गए है।