फौलादी इरादों से देश की सरहदों की भी रक्षा कर रही नारी
बिजनौर। अमर उजाला फाउंडेशन के मिशन अपराजिता अभियान के अंतर्गत कृष्णा कॉलेज में पुलिस की पाठशाला का आयोजन हुआ। जिसमें एसपी सिटी लक्ष्मीनिवास मिश्रा ने कहा कि बेटियों को समाज में अपनी जिम्मेदारी का एहसास ज्यादा है। वे समाज को बदलने की क्षमता रखती हैं और बदलने की कोशिश भी कर रही हैं। नारी शक्ति ने दिखा दिया है कि उनके बिना कोई भी सामाजिक परिवर्तन मुमकिन नहीं है।
कहा कि पुलिस पर फोन न उठाने और सही से बात न करने के आरोप लगते रहे हैं। इसी छवि को बदलने के लिए डायल 100 के लखनऊ के स्टाफ में लड़कियों को रखा गया है। कहा कि नारी शक्ति प्रशासनिक, राजनैतिक और सामाजिक स्तर से समाज में नई चेतना ला रही है। देश के सर्वोच्च पदों को नारी सुशोभित करते हुए अपनी शक्ति का एहसास करा चुकी हैं। नारी शक्ति समाज को नई दिशा दे रही है। बात बहादुरी की हो, बच्चों को उच्चा शिक्षण में सहयोग देने की या समाज के लिए अन्य कार्यक्रम चलाने की, हर जगह नारी शक्ति का पूरा सहयोग लिया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि नारी अब अबला नहीं बल्कि सबला है। कभी घर से न निकलने की पाबंदियों में रहने वाली नारी शक्ति अब देश की सरहदों की रक्षा कर रही है। नारी शक्ति ने दिखा दिया है कि वे दिखने में कोमल भले हैं, लेकिन उनके इरादे फौलाद की तरह अटल हैं। अपने फौलाद के इरादों के सहारे वे हर क्षेत्र में कामयाब हो गई है। अब कामयाबी हासिल करने में लड़कों से ज्यादा मिसाल लड़कियों की दी जाती है। प्राचार्या डॉ. सीमा शर्मा ने कहा कि देश में नारी शक्ति जाग रही है। देश को आगे ले जाने में हर क्षेत्र में नारी शक्ति का अहम योगदान है। कॉलेज के प्रबंधक निदेशक पवन कुमार ने कहा कि कॉलेज में अधिकतर टॉपर बेटियां ही बनती हैं। छात्राओं के आगे बढ़ने से बाकी परिवार भी अपनी की लड़कियों को पढ़ा रहे हैं। कहा कि नारी समाज को खुद भी नारी समाज को सम्मान देना चाहिए। इस दौरान संजीव कुमार, लॉ कॉलेज प्राचार्य डॉ. परवेज अहमद खां, हेड कांस्टेबल आदेश कुमार आदि मौजूद रहे।
अब देश की रक्षा की भी जिम्मेदारी
छात्रा आकृति सिंह के अनुसार बेटी के हाथ में अब रसोई का सामान ही नहीं बल्कि देश की रक्षा के लिए हथियार भी हैं। नारी शक्ति को दुनिया सलाम कर रही है। समाज अब नारी शक्ति के लिए अपनी सोच बदल चुका है।
विश्व कर रहा सलाम
आयुषी सिंह के अनुसार नारी शक्ति को विश्व सलाम कर रहा है। हर क्षेत्र में नारी की शक्ति का डंका है। अब परिवार भी बेटियों को आगे बढ़ाने में कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं।
मिल रहा सम्मान
नूर फातिमा के अनुसार हर समाज में अब बेटी को सम्मान मिल रहा है। यह सम्मान बेटियों को पहले से ही मिलना चाहिए था। जो भी हो अब बेटी को समाज में सम्मान से देखा जाता है।
बेटियों को पढ़ाएं-लिखाएं
छात्रा रहनुमा के अनुसार नारी शक्ति के सशक्तिकरण के लिए शिक्षा सबसे बड़ा अधिकार है। सभी परिवार अपनी बेटियों को पढ़ा लिखाकर जागरूक करें।
अब महिला हो रही सशक्त
जूही के अनुसार महिला सशक्तिकरण अब तेजी से हो रहा है। महिला सशक्तिकरण के लिए समाज बहुत प्रयास कर रहा है। अब नारी पहले से सशक्त हुई है।