बिजनौर। जिले के किसान गन्ना पर्ची के लिए भले ही परेशान हों, लेकिन रालोद के प्रदेश महासचिव राहुल सिंह और उनके पिता को पत्र पर ही बौंड के 23-23 पास जारी कर दिए गए। नियमों को ताक पर रखकर गन्ना विभाग ने यह कार्रवाई की। इस मामले में भाकियू ने आंदोलन की चेतावनी दी है।
बौंड की गन्ना पर्ची जारी नहीं हो रही हैं, किसान गन्ना पर्ची के लिए जिला गन्ना अधिकारी ओपी सिंह और सहकारी समितियों के चक्कर काट रहे हैं। वहीं, गन्ना विभाग ने रालोद के प्रदेश महासचिव राहुल सिंह और उनके पिता आजाद किसान के राष्ट्रीय संरक्षक एमपी सिंह के पत्र पर उन्हें एक ही दिन में 23-23 पर्ची जारी कर दीं। यह पत्र आजाद किसान यूनियन जिलाध्यक्ष विरेंद्र सिंह के पैड पर लिखा गया था। इन पर्चियों पर गन्ना भी तुलवाया गया। राहुल सिंह बिजनौर विधानसभा सीट से रालोद के टिकट पर 2017 में चुनाव भी लड़ चुके हैं। भारतीय किसान यूनियन के पदाधिकारियों को जब इस बात का पता चला तो उन्होंने विरोध शुरू कर दिया। पत्रकार वार्ता में भाकियू के जिलाध्यक्ष दिगंबर सिंह ने बताया कि चोरी पकड़े जाने पर गन्ना विभाग ने इन दोनों के ऑनलाइन सट्टों को लॉक कर दिया है। उन्होंने कहा कि जिला गन्ना अधिकारी गन्ना माफिया से हमसाज हैं। किसान गन्ना पर्ची के लिए भटक रहा है। किसान की पर्चियों पर ओवर वेट काटा जा रहा है, लेकिन कुछ स्वयंभू किसान नेताओं का ओवर वेट भी नहीं काटा जा रहा है। उधर, जिला गन्ना अधिकारी ओपी सिंह का कहना है कि बौंड की पर्ची बाद में निरस्त कर दी गई थीं। बौंड गन्ना पर्ची समिति कार्यालय से जारी होती हैं। उन्हें इस बारे में कुछ पता नहीं है।
डीसीओ पर मुकदमा दर्ज कराएं डीएम
भाकियू ने इस मामले में डीएम से जिला गन्ना अधिकारी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने की मांग की है। उन्होंने कहा कि यदि प्रशासन गन्ना अधिकारी पर कार्रवाई नहीं करता है तो आंदोलन किया जाएगा और भाकियू स्वयं डीसीओ का वारंट जारी कर उन्हें गिरफ्तार करेगी। इस दौरान राष्ट्रीय सलाहकार ओमपाल सिंह, प्रदेश महासचिव रामौतार सिंह, मंडल अध्यक्ष अतुल कुमार, जितेंद्र पहलवान, सतपाल चौधरी, होशियार सिंह, बाबूराम तोमर, धर्मेंद्र राणा आदि मौजूद रहे।
ज्यादा गन्ना होने पर किसान भरता है बौंड
समितियों में किसानों के गन्ने का बेसिक कोटा होता है। किस किसान को कितनी पर्ची जारी होनी है, इसका निर्धारण पिछले सालों की सप्लाई के आधार पर पहले से तय होता है। अगर किसान के पास बेसिक कोटे से अधिक गन्ना है तो वह बौंड भरता है। बौंड में किसान को अतिरिक्त गन्ना पर्ची मिलती हैं। इन पर्चियों को जारी करना जिला गन्ना अधिकारी का कार्यक्षेत्र होता है। बौंड नहीं चलने से किसान ज्यादा पर्ची वाले किसानों को 280 रुपये प्रति क्विंटल पर बेचने को मजबूर हो रहे हैं।
बिजनौर मिल में पकड़ी थी अवैध खरीद
भारतीय किसान यूनियन ने 25 दिसंबर को बिजनौर शुगर मिल में बड़े पैमाने पर दूसरे क्रय केंद्रों का गन्ना भी तुलते पकड़ा था। यह गन्ना अवैध तरीके से खरीदा गया था। तब भी शुगर मिल किसानों का गन्ना खरीदने के बजाए माफियों से गन्ना खरीद रहीं थीं। किसानों को पर्ची जारी नहीं की जा रही थी।
गन्ना डालने के लिए लिखा था पत्र : महेंद्र सिंह
आजाद किसान यूनियन के राष्ट्रीय संरक्षक और राहुल सिंह के पिता महेंद्र सिंह के अनुसार उनकी गन्ना पर्ची नहीं आ रही थीं। इस संबंध में उन्होंने डीसीओ के कहने पर एक पत्र लिखा था। राहुल को इसके बारे में पता भी नहीं है। मुझे अपना गन्ना डालना था। गन्ना विभाग को बाकी किसानों की बौंड की पर्ची भी जारी करनी चाहिए।
किसानों को बौंड गन्ना पर्ची जारी कराने की मांग
फोटो समाचार ---
बिजनौर। आजाद किसान यूनियन ने अपनी अनेक मांगों को लेकर प्रदर्शन किया। डीएम को संबोधित ज्ञापन एसडीएम वीके सिंह को देते हुए समस्याओं का निजात दिलाने की मांग की। गन्ना समिति परिसर में हुई बैठक में वक्ताओं ने कहा कि किसानों के साथ ऋण माफी के नाम पर छल किया गया है। किसानों को समय से गन्ना भुगतान मिलना भी बंद हो गया है। समय से गन्ना पर्ची नहीं दी जा रही हैं और ओवर वेट भी काटा जा रहा है। इससे किसान त्रस्त हो गया है। इसके बाद किसान प्रदर्शन करते हुए कलक्ट्रेट पहुंचे और ज्ञापन दिया। किसानों को वृद्धावस्था पेंशन देने, किसानों को बौंड पर्ची दिलाने, 14 दिन के अंदर गन्ना भुगता कराने संबंधी अनेक मांग की गई। इस दौरान राष्ट्रीय अध्यक्ष राजेंद्र सिंह, महेंद्र सिंह, सतेंद्र सिंह, मूला सिंह, गिरिराज सिंह, संजीव राठी, शीशराम सिंह, हुकुम सिंह, बिट्टू, संदीप, वेदपाल आदि मौजूद रहे।