सड़क निर्माण के लिए पीडब्ल्यूडी के पास नहीं है गाइड लाइन
बिजनौर। जीवनभर की कमाई से बनाया घर भले से ही किसी के लिए पूरी दुनिया हो, लेकिन पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों के लिए इससे कोई मतलब नहीं है। विभाग के पास सड़क निर्माण के लिए कोई दिशा निर्देश नहीं है। प्रधानमंत्री व मुख्यमंत्री को शिकायत की गई तो इसका खुलासा हुआ।
पीडब्ल्यूडी द्वारा जिले भर में सड़कों का निर्माण किया जाता है। नई सड़क बनाने के लिए पुरानी सड़क को तोड़कर उसपर आरबीएम डालकर पहले से ऊंची कर बनाया जाता है। आबादी में बार-बार इस तरह सड़कों का निर्माण किए जाने से मोहल्ले में मकान सड़क की तुलना में गहराई में चले जाते हैं। बरसात में इन मकानों में बारिश का पानी घूस जाता है। कई जगह सड़कों को ऊंची उठाकर बनाने का विरोध भी किया जा चुका है, लेकिन अधिकारी अपनी मनमानी ही करते हैं। बिजनौर के सिविल लाइन गंगानगर निवासी विकल महर्षि ने पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों के शिकायत प्रधानमंत्री व मुख्यमंत्री कार्यालय से की थी। प्रमुख सचिव पीडब्ल्यूडी ने मुरादाबाद के अधीक्षण अभियंता से इस संबंध में जवाब मांगा तो इस पर हरकत में आए विभागीय अधिकारियों ने शिकायत कर्ताओं को पत्र लिख बताया है कि पीडब्ल्यूडी के अंतर्गत मार्गों का निर्माण एवं सड़क एवं परिवहन मंत्रालय भारत सरकार एवं भारतीय रोड मार्गदर्शों के सिद्धांतों के अनुसार परिकल्पना के आधार पर किया जाता है। वर्तमान समय तक उच्च स्तर से उपरोक्त विशिष्टियों से भिन्न मार्ग निर्माण के संबंध में अन्य कोई दिशा निर्देश प्राप्त नहीं है। इससे साफ है कि अफसरों को सड़कों को बनाते वक्त किसी के मकान से कोई लेना देना नहीं है। कहीं भी वह सड़क को ऊंची करके बना लेते हैं। अफसरों के जवाब के पत्र को शिकायतकर्ता विकल महर्षि को भीे भेजा गया है।