बिजनौर। परिषदीय स्कूलों में शिक्षकों के संबद्धीकरण में खुल कर खेल चल रहा है। शासन के आदेश भी अधिकारियों ने ताक पर रख दिए हैं। नूरपुर ब्लॉक में दूसरे स्कूलों में संबद्ध शिक्षकों की भरमार है। बीईओ ने आदेश के बाद भी किसी शिक्षक को रिलीव नहीं किया है। सेटिंग गेटिंग का खेल शुरू हो गया है।
सचिव बेसिक शिक्षा परिषद इलाहाबाद ने बीएसए को आदेश देकर दूसरे स्कूलों में संबद्ध शिक्षकों को रिलीव कर उनके मूल विद्यालयों में भेजने के आदेश दिए थे। जिस पर बीएसए ने जिले के खंड शिक्षा अधिकारियों को संबद्ध शिक्षकों को मूल विद्यालयों के लिए रिलीव करने को कहा था। पर ब्लॉक नूरपुर में खंड शिक्षा अधिकारी शासन व बीएसए के आदेश नहीं मानते। इस ब्लॉक में संबद्ध शिक्षकों की भरमार है। ब्लॉक नूरपुर के जूनियर हाई स्कूल मझौला बिल्लौच की शिक्षिका पारूल चौधरी जूनियर हाई स्कूल बिसाठ में संबद्ध है। जबकि रतनगढ़ की शिक्षिका सरोज को फीना के स्कूल में संबद्ध किया हुआ है। योगेश कुमारी फीना से पीपला के स्कूल में संबद्ध तो संयोगिता को भी फीना में ही संबद्ध किया हुआ है। यशोदा देवी को पुरैनी से असगरीपुर में, आलोक, सुशील चौहान को गोपालपुर ढेला में संबद्ध किया हुआ है। ब्लॉक के शिक्षक बताते हैं कि करीब दो दर्जन से भी अधिक शिक्षक खंड शिक्षा अधिकारी की कृपा के चलते अपने मूल विद्यालयों के स्थान पर दूसरे स्कूलों में संबद्ध हैं। इन शिक्षकों से सेटिंग गेटिंग का खेल किया जाता रहा है। ये शिक्षक मूल विद्यालयों में कब पहुंचेंगे? इस पर बीईओ डीएल राणा चुप्पी साधे रहते हैं। उधर, बीएसए महेश चंद्र के मुताबिक सभी बीईओ को शिक्षकों का संबद्धीकरण समाप्त कर उनके मूल विद्यालयों में भेजने के निर्देश दिए गए हैं।