ड्रीप इरिगेशन अपनाने पर मिलेगी गन्ना सप्लाई में प्राथमिकता
बिजनौर। गन्ना विभाग ने जमीन के नीचे के पानी का दोहन रोकने को किसानों के लिए ड्रीप इरिगेशन संयंत्र लगाओ, गन्ना सप्लाई में प्राथमिकता पाओ योजना शुरू की है। गन्ना आयुक्त के आदेश के अनुसार अनुदान पर शुरू की गई योजना का लाभ किसानों को इसी गन्ना सीजन से मिलेगा। ऐसे किसान चीनी मिलों पर पहले गन्ना डाल सकेंगे। जिला गन्ना अधिकारी कार्यालय ने योजना पर अमल शुरू कर दिया है।
जिला गन्ना अधिकारी यशपाल सिंह के अनुसार भूगर्भ जल संरक्षण जरूरी है। गन्ना विभाग ने बूंद-बूंद पानी से अधिक गन्ना पैदावार लेने के लिए ड्रीप इरिगेशन संयंत्र लगाने शुरू किए हैं। किसान को संयंत्र अनुदान पर मिलेगा। गन्ने की फसल को अधिक जल की जरूरत होती है। गर्मी में गन्ने को पांच छह बार सिंचाई की जरूरत होती है। ड्रीप इरिगेशन से 40 से 50 प्रतिशत पानी की बचत होती है। गन्ना उत्पादन की लागत 20 प्रतिशत कम हो जाती है। इस विधि के प्रयोग से जमीन के पोषक तत्व नष्ट नही होते हैं। रासायनिक उर्वरकों की भी 30 प्रतिशत बचत होती है। क्षारयुक्त भूमि व अल्प वर्षा वाले क्षेत्र में भी गन्ने की खेती होगी।
गन्ना आयुक्त ने ड्रीप इरिगेशन संयंत्र अपनाने वाले किसानों को इसी सीजन से चीनी मिलों पर गन्ना डालने में अतिरिक्त सुविधा देने को कहा। किसानों से योजना का लाभ उठाने को कहा गया है।
शिकायत के लिए गन्ना आयुक्त ने जारी किया नंबर
बिजनौर। किसान अपनी गन्ना संबंधी शिकायत सीधे गन्ना आयुक्त को कर सकेंगे। इसके लिए गन्ना आयुक्त ने टोल फ्री नंबर 18001213203 जारी किया है। इसके अतिरिक्त फेसबुक व वेबसाइट भी जारी है । किसान टोल फ्री नंबर फर्जी बांड व पर्चियां की गड़बड़ी की जानकारी दे सकते हैं।