बिजनौर। गर्मी शुरू होने के बाद भी हैंडपंप नहीं लग पा रहे हैं। जिले के एक विधायक के कोटे में 100 हैंडपंप आए थे। किसी भी विधायक के हैंडपंप पूरे नहीं लग पाए हैं। 800 हैंडपंप में से अभी 250 हैंडपंप ही लग पाए हैं। विधायकों के हैंडपंप लगाने की सूची न देने के कारण हैंडपंप लगाने का मामला बीच में लटका हुआ है।
गर्मी शुरू होने पर हैंडपंप लगाने की मांग जोर शोर से उठती रहती है। देहात क्षेत्र के लोग हैंडपंप लगवाने के लिए जनप्रतिनिधियों के आगे भागदौड़ करते रहते हैं। हर कोई चाहता है कि उनके इलाके में हैंडपंप लग जाए। सपा सरकार के दौरान हैंडपंप लगवाने का काम बंद पड़ा था। भाजपा सरकार बनने के बाद हैंडपंप लगाने का काम फिर से शुरू हो गया। हर विधायक के कोटे में 100 हैंडपंप दिए गए। विधायक अपने क्षेत्र में हैंडपंप लगवाने की संस्तुति करेंगे वहीं हैंडपंप लगेंगे। विधायकों को इसकी सूची जल निगम को सौंपनी होगी। जिले में आठ विधायक हैं। इनमें पांच भाजपा, दो सपा के विधायक हैं। एक भाजपा विधायक लोकेंद्र चौहान की सड़क हादसे में मौत हो चुकी है। सभी आठ विधायकों के कोटे से अब तक जिले में केवल 250 हैंडपंप लगे हैं। सबसे ज्यादा हैंडपंप बढ़ापुर के विधायक सुशांत सिंह ने लगवाए हैं। उन्होंने 50 हैंडपंप लगवाए हैं। दूसरे नंबर पर चांदपुर की विधायक कमलेश सैनी ने 35 हैंडपंप लगवाए हैं। बाकी विधायकों ने इनसे कम हैंडपंप लगवाए हैं। विधायकों ने हैंडपंप लगवाने की जो सूची जल निगम को सौंपी है उसमें किसी भी विधायक ने 100 हैंडपंप लगाने की सूची नहीं दी है। विधायकों ने 50 से लेकर 80 तक हैंडपंप लगवाने की सूची सौंपी है। जल निगम के एक्सईएन अरुण कुमार के मुताबिक अभी सभी विधायकों की पूरी सूची नहीं मिली है। जो सूची मिली है उनके अनुसार हैंडपंप लगवाए जा रहे हैं।