ढबारसी (अमरोहा)। लाख कोशिशों के बाद भी ढबारसी में बंदरों की मौत का सिलसिला नहीं रुक रहा है। गुरुवार को भी तीन बंदरों की मौत हो गई। जबकि बुधवार को दस बंदरों की मौत हुई थी। इसके अलावा करीब तीन दर्जन बंदर बीमार हैं। चिकित्सकों की टीम बीमार बंदरों को बचाने में जुटी हुई है। वहीं, बंदरों की मौत का आंकड़ा सौ से काफी आगे निकल चुका है।
गुरुवार को फिर वही हुआ, जिसकी ग्रामीणों को आशंका थी। गांव की गलियों में तीन बंदरों के शव मिले। बंदरों की मौत से वन विभाग और पशुपालन विभाग में हड़कंप मचा हुआ है। पिछले एक सप्ताह से गांव में रोजाना दस से पंद्रह बंदरों की मौत हो रही है। बुधवार तक करीब 110 बंदरों की मौत हो चुकी है। अब फिर से तीन बंदरों की मौत से आंकड़ा बढ़ गया। वन विभाग के रेंजर तीन कर्मचारियों सहित गांव में डेरा डाले हुए हैं। टीम बंदरों पर नजर रख रही है।
तीन दर्जन से अधिक बंदर गुरुवार को बीमार पाए गए। इन बंदरों को बचाने के लिए इलाज चल रहा है। पशुपालन विभाग से डा. नरेंद्र, डा. तेजपाल और डा. सुमित राठी बंदरों का इलाज कर रहे हैं। सुबह से लेकर शाम तक हर तीन घंटे के अंतराल में बंदरों की हालत देखी जा रही है। चिकित्सकों की टीम ने केलों में इंजेक्शन लगाकर बंदरों को खिलाए। वहीं, आटे में दवाई मिलाकर खिलाई जा रही है। जिससे बंदरों को ठीक किया जा सके। गांव में जगह-जगह ग्लूकोज मिलाकर पानी से भरे टब रखे गए हैं। ग्रामीणों ने बताया कि बीमार बंदरों के बचने की संभावना कम है। मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डा. ब्रजवीर सिंह ने बताया कि बीमार बंदरों का इलाज किया जा रहा है। बरेली से रिपोर्ट आने के बाद ही कुछ बताया जा सकता है।