अमरोहा। बंदरों की मौत से ढबरासी के लोगों में भी भय बन गया है। इन्हें बंदरों जैसी अज्ञात बीमारी लगने का डर सताने लगा है। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने गुरुवार को गांव पहुंचकर लोगों का परीक्षण किया। वहीं, निजी चिकित्सकों की बैठक ली। इसमें बंदरों जैसी बीमारी के लक्षण इंसानों में दिखाई देने पर तुरंत सूचना देने के निर्देश दिए।
गुरुवार को स्वास्थ्य विभाग की ओर से ढबारसी में शिविर लगाया गया। इसमें लोगों के स्वास्थ्य की जांच की गई। डा. प्रदेश कुमार, डा. सौरभ, डा. धीरज, डा. मारुफ आदि की टीम ने लोगों का परीक्षण किया। कैंप में काफी लोगों की भीड़ रही। इसके बाद गांव के निजी चिकित्सकों की बैठक ली। जिसमें टीम ने कहा कि दस्त या डिहाइड्रेशन की बीमारी लोगों को लगती है तो इसके हल्के में न लिया जाए।
बंदरों जैसी बीमारी के लक्षण दिखाई देने पर तुरंत स्वास्थ्य विभाग को सूचना देने का काम करें। गौरतलब है कि ढबारसी में पिछले एक सप्ताह से बंदरों की मौत हो रही है। दो तीन दिन तक बंदर बीमार रहने के बाद दम तोड़ देता है। जिन बंदरों की मौत हो रही है, वे पानी के लिए भटकते हैं। उधर, एक बंदर के पोस्टमार्टम के बाद पशु चिकित्सकों ने साफ कर दिया था कि बंदरों की मौत खूनी दस्त और लीवर फेफड़ा खराब होने से हुई है।
लेकिन, बंदर की मौत की इस रिपोर्ट पर आईवीआरआई बरेली की मुहर नहीं लगी है। एक बंदर का विसरा बरेली भेजा गया है। जिसकी रिपोर्ट आने पर ही मालूम होगा कि बंदर क्यों मर रहे रहे हैं। बंदरों की मौत से ग्रामीणों में भय बना हुआ है। इन्हें डर सता रहा है कि बंदरों का संक्रमण इंसानों में न फैल जाए। इस मामले को लेकर प्रधानपति पहले ही स्वास्थ्य परीक्षण की मांग उठा चुके हैं।