प्रेरकों ने बीआरसी पर प्रदर्शन किया
धामपुुर।
भारत साक्षरता अभियान से जुड़े प्रेरकों ने मंगलवार को बीआरसी कार्यालय के बाहर यूपी और केंद्र सरकार की वदा खिलाफी के विरोध में जमकर प्रदर्शन किया। आरोप लगाया कि सरकार आंदोलन प्रदर्शन करने के बाद भी उनका 18 माह से रुका मानदेय देने का नाम नहीं ले रही है। उनकी आर्थिक स्थिति बदहाल हो गई है वे भुखमरी के कगार पर आ गए है।
मंगलवार को प्रेरक संघ के जिलाध्यक्ष अशोक सैनी के निर्देशन में कार्यकर्ता बीआरसी धामपुर के कार्यालय पर एकत्र हुए। यहां पर प्रेरकों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। आरोप है कि सरकार ने अभी तक उनका 18 माह से रुका मानदेय भुगतान तो किया नहीं। 31 दिसंबर से उनकी संविदा को और खत्म करने का जा रही है। यह सरकार नौकरी देने के स्थान पर शिक्षित युवकों को सड़क पर भूखों मरने के छोड़ रही है। प्रेरक संविदा खत्म होने के बाद वह क्या करेंगे। वह 2003 से नियमित तौर साक्षरता अभियान को चलाकर समाज के निरक्षरों को साक्षर बनाने का काम करते आ रहे है। चेताया कि यदि सरकार ने उनकी संविदा को बढ़ाकर रूका मानदेय नहीं दिलाया तो वे उग्र आंदोलन करेंगे। चाहे उन्हें जेल ही क्यों न जाना पड़े। प्रदर्शनकारियों में जितेंद्र चौहान, जिलाध्यक्ष महेश्वर सिंह, विनीता , शमशाद, संजू रानी, पुष्पा देवी, अनीता चौहान, ज्योति, रमेश सैनी, मसूद, बबली रानी, सुषमा देवी, शहनाज, समला देवी, प्रमोद कुमार, संजीव कुमार, रजेंद्र सिंह, थम्मन सिंह, आसमा रानी, अंशिका वर्मा रही।