संवाद न्यूज एजेंसी
बिजनौर। शुक्रवार को कोर्ट में पेशी पर आए गैंगस्टर हर्षित चिकारा की हत्या करने के इरादे से तमंचा लेकर आए युवक रिपुल का शनिवार को पुलिस ने चालान कर दिया। उधर, कोर्ट परिसर की सुरक्षा व्यवस्था में लापरवाही बरतना पुलिसकर्मियों को भारी पड़ गया है। मामले में एसपी अभिषेक झा ने 11 पुलिसकर्मियों को निलंबित करते हुए विभागीय जांच भी शुरू कर दी है।
एसपी अभिषेक झा ने बताया कि शुक्रवार को आरोपी रिपुल (22) पुत्र विजय सिंह निवासी गांव कुम्हेड़ा पर गैंगस्टर एक्ट की धाराओं में केस दर्ज है। आरोपी रिपुल ने कोर्ट के बरामदे पहुंचकर तारीख पर आए हर्षित चिकारा (21) पुत्र कपिल निवासी गांव फतेहपुर गढ़ी पर तमंचा तान दिया था। हालांकि फायर नहीं कर सका था। इसी दौरान पुलिस ने उसे दबोच लिया था।
आरोपी ने बताया था कि वह हर्षित चिकारा को मारने के लिए आया है। हर्षित की राजन गैंग से रंजिश चल रही है। खुद को राजन गैंग का सदस्य बताया था। उसके पास से 315 बोर का तमंचा, कारतूस और दस हजार रुपये मिले थे। शनिवार को पुलिस ने उसके खिलाफ केस दर्ज करते हुए चालान कर दिया।
एसपी ने बताया कि कोर्ट की सुरक्षा व्यवस्था में बरती गई लापरवाही के चलते 11 पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया है। इस मामले की जांच सीओ नजीबाबाद को दी थी।
जांच में पाया गया इन पुलिसकर्मियों की ड्यूटी गेट पर लगी थी, जिन्होंने चेकिंग को गंभीरता से नहीं लिया। जांच रिपोर्ट के आधार पर शनिवार को एसपी ने जजी परिसर के गेट नंबर एक पर तैनात छह और गेट नंबर पर तैनात पांच पुलिसकर्मियों को निलंबित किया है।