हादसे के बाद भी नहीं टूटा 108 एंबुलेंस कर्मचारियों का मनोबल
बिजनौर। मुरादाबाद के थाना नवाबपुरा के नागफनी में सप्ताह पूर्व स्वास्थ्यकर्मियों के साथ हुई घटना के बाद भी 108 एंबुलेंस कर्मियों का हौसला कम नहीं हुआ। एंबुलेंस कर्मी अपने काम को और गंभीरता से लेते हुए पूर्व की लोगों की सेवा कर रहे हैं। कर्मचारियों का कहना है कि इस तरह की घटनाओं से वे पीछे नहीं हटने वाले हैं।
मुरादाबाद के थाना नवाबपुरा के नागफनी में 15 अप्रैल को जमातियों के सैंपल लेने और क्वारंटीन करने के लिए गई टीम पर कुछ लोगों ने ईंट पत्थर बरसाकर गंभीर रूप से घायल कर दिया था। इस घटना से भी एंबुलेंस एवं स्वास्थ्य कर्मियों का हौसला कम नहीं हुआ। 102, 108 एंबुलेंस सेवा के जिला प्रभारी मनोज सामंत बताते हैं कि वह मूलरूप से उत्तराखंड के जनपद पिथौरागढ़ के रहने वाले हैं। इस कठिन परिस्थिति में अपने कर्तव्य को निष्ठा से निभा रहे हैं। किसी गर्भवती महिला या नवजात शिशु कोरोना से संक्रमित हो जाते हैं, तो उनको सेवा देने के लिए 102 एंबुलेंस की दो एंबुलेंस को जिले में रिजर्व किया गया है। उन्होंने बताया पिता गोविंद सिंह की अचानक आंत बर्स्ट होने के बाद परिजनों ने उन्हें कुछ दिन पूर्व ही उपचार के लिए एक निजी चिकित्सालय में भर्ती कराया। हालांकि अब उनकी तबियत में थोड़ा सुधार है। इसके बाद भी उन्होंने हिम्मत नहीं हारी और लगातार काम कर रहे हैं।
जिला कोऑर्डिनेटर सावन कुमार का कहना है कि 108 एंबुलेंस सेवा पर तैनात कर्मचारियों का मनोबल टूटा नहीं है, बल्कि ऐसे लोगों ने हमें और अधिक शक्ति दी है। उन्होंने कहा कि जब तक हम कोरोना जैसी महामारी को हरा नहीं देते, तब तक हम पूरी निष्ठा के साथ लोगों की सेवा करते रहेंगे। उन्होंने बताया कि काफी दिनों से अपने घर पर भी नहीं गए हैं।
इमरजेंसी एंबुलेंस सेवा के प्रोग्राम मैनेजर मोहम्मद अरशद का कहना है कि जो हमारा दायित्व है, हम उसे निभाएंगे। इस प्रकार की घटना से विचलित नहीं होंगे। जिन लोगों ने ये हरकत की है उन्हें समझना चाहिए कि स्वास्थ्य कर्मी, एंबुलेंस कर्मी और पुलिस प्रशासन उनके लिए ही कार्य कर रहे हैं।