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हसन अली चौधरी की लेखनी कंप्यूटर प्रिटिंग को कर रही फेल

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हसन अली की लेखनी कंप्यूटर प्रिंटिंग को कर रही फेल
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बिजनौर। डिजिटल क्रांति में भी हाथ की लेखनी से सुंदर कुछ नहीं है। जिले के रहने वाले हसन अली चौधरी इसकी मिसाल हैं। हसन अली चौधरी यूनिक मॉडर्न इंग्लिश व हिंदी कैलिग्राफर हैं। पुराने समय में लिखे जाने वाली शब्दों की कला की अपनी पुश्तैनी परंपरा को वे संभाल रहे हैं। जो भी उनके हाथ के लिखे शब्द देखता है, उनकी तारीफ करने से खुद को रोक नहीं पाता है। चौधरी लिमका बुक में अपना नाम दर्ज कराने के लिए प्रयासरत हैं।
अब कुछ भी कंप्यूटर से प्रिंट करके निकाला जा सकता है। मगर, कंप्यूटर आज भी अपने शब्दों में वो जादूगरी नहीं कर सकता जो इंसानी हाथ में है। किरतपुर के मोहल्ला हलवाईयान निवासी हसन अली चौधरी के हाथों में भी ऐसा ही जादू है। हसन अली अपने हाथों से यूनिक मॉडर्न हिंदी व इंग्लिश कैलिग्राफी करते हैं। पहले शब्दों को थोड़ा तिरछा करके लिखा जाता था। धीरे धीरे ये कला लुप्त होने लगी। लेकिन हसन अली ने अपने अंदर इस कला को अब भी जिंदा रखे हैं। उनके लिखे शब्द पेंटिंग की तरह लगते हैं। शादी के कार्ड आदि पर नाम लिखवाने के लिए उनके पास लाइन लगती है। सालों के अभ्यास से उन्होंने यह कला सीखी है। वे किसी भी तरह के पेन, पेंसिल, मार्कर यहां तक कि उंगली से भी शब्दों की पेंटिंग सजा सकते हैं। कई अधिकारी भी उनकी इस कला की प्रशंसा कर चुके हैं।
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पुश्तैनी कला को जिंदा रखा
हसन अली चौधरी के दादा चौधरी अलताफ हुसैन खांडसारी के उद्योगपति थे। वे अपना हिसाब किताब उर्दू और अंग्रेजी में मॉडर्न इंग्लिश स्टाइल में ही लिखते थे। हसन के पिता इकबाल हुसैन ने भी यह कला सीख ली। अपने दादा और पिता के लिखे पुराने शब्दों को देखकर हसन अली ने भी यह कला सीखी। इसके लिए उन्हें काफी अभ्यास करना पड़ा। 1974 में जन्में हसन अली एमकाम, एलएलबी हैं। वकालत करने के साथ ही उनका प्रिंटिंग का कार्य है। फ्री लांसर राइटर भी हैं।

विदेशी दस्तावेजों की लिखावट है मॉडर्न इंग्लिश
विदेशी दस्तावेज आज भी मॉडर्न इंग्लिश स्टाइल में लिखे जाते हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति बिल क्लिंटन जब भारत आए थे तो उन्हें अभिनंदन पत्र दिल्ली निवासी कैलिग्राफर ने अपने हाथ से लिखा था। इसके अलावा प्रियंका गांधी व अभिषेक बच्चन की शादी के कार्ड पर नाम भी दिल्ली निवासी उन्हीं कैलिग्राफर ने लिखे थे।
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दिल जीत लेता है लेखन सौंदर्य
हसन अली चौधरी के अनुसार लेखन का सौंदर्य सामने वाले का दिल जीत लेता है। मगर, इसमें युवाओं की रुचि घट रही है। युवाओं को यूनिक मॉडर्न इंग्लिश कैलिग्राफी को अपनाना चाहिए।
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