छात्रा को नहीं देने दी फिजिक्स की परीक्षा
बिजनौर। मार्डन ऐरा पब्लिक स्कूल की प्रधानाचार्या की हठधर्मिता की वजह से इंटरमीडिएट की एक छात्रा परीक्षा नहीं दे सकी। आरोप है कि छात्रा को परीक्षा केंद्र के गेट पर रोककर प्रधानाचार्य ने बदसलूकी की। परीक्षा दिए बगैर छात्रा को स्कूल से बाहर निकाल दिया गया। इस घटना को लेकर काफी देर तक हंगामा मचा रहा। छात्रा के पिता ने डीएम से शिकायत करने के बाद थाने में भी तहरीर दी है।
हीमपुर थाना क्षेत्र के छाछरी मोड़ निवासी जिला पंचायत सदस्य राजवीर सिंह के मुताबिक उनकी पुत्री अनामिका ने नीट की परीक्षा उत्तीर्ण की है। इंटरमीडिएट भौतिक विज्ञान में उसकी बैक आ गई थी। भौतिक विज्ञान की परीक्षा देने के लिए उसका प्राइवेट फार्म भरवाया गया था। मंगलवार को उसका पेपर था। परीक्षा देने के लिए पिता के साथ अनामिका कई जगह लगे जाम से निकलकर बिजनौर के मार्डन ऐरा परीक्षा केंद्र पर पहुंची। वहां स्कूल के गेट पर मौजूद स्टाफ ने उसकी तलाशी लेने के बाद कागजों की जांच की और सेंटर के अंदर भेज दिया। दो जगह और उसकी तलाशी हुई। परीक्षा कक्ष के बाहर जैसे ही अनामिका पहुंची तो प्रधानाचार्य सीमा विश्वास ने दो तीन शिक्षिकाओं के साथ उसे रोक लिया। आरोप है कि इस दौरान उसके साथ बदसलूकी की गई।
कहा गया कि सीबीएसई के नियम के मुताबिक वह परीक्षा नहीं दे सकती। दस बजे के बाद किसी भी विद्यार्थी की परीक्षा केंद्र में एंट्री नहीं हो सकती है। पिता राजवीर के मुताबिक करीब 15 मिनट तक प्रधानाचार्य अनामिका को रोके रही। इस दौरान उसे खूब मानसिक प्रताड़ना दी गई। बाद में छात्रा को बिना परीक्षा दिए ही स्कूल से बाहर निकाल दिया गया। राजवीर सिंह ने बताया कि अगर परीक्षा का समय निकल गया था तो स्कूल का गेट क्यों खुला था? अनामिका को स्कूल के अंदर क्यों लिया गया? करीब सवा दस बजे राजवीर सिंह ने डीएम से बात की। डीएम ने इस मामले में अफसरों को जांच करने के लिए कहा। बाद में शहर कोतवाली में प्रधानाचार्य के खिलाफ तहरीर दी गई । पुलिस ने घटना की जांच की। शहर कोतवाल राम सेवक के मुताबिक स्कूल में लगे कैमरों से पता चला कि अनामिका ने दस बजकर दो मिनट पर स्कूल में एंट्री की है। बोर्ड के नियम के मुताबिक दस बजे के बाद कोई परीक्षा केंद्र के अंदर नहीं जा सकता।
नियमों का पालन किया : सीमा विश्वास
प्रधानाचार्या सीमा विश्वास के मुताबिक स्कूल के गेट पर तैनात दो पुलिसकर्मियों ने अनामिका को स्कूल के अंदर ले लिया। दस बजकर दस मिनट पर उसने स्कूल में एंट्री की। छात्रा के साथ कोई बदसलूकी नहीं की गई। उन्होंने नियमों का पालन करके छात्रा को रोका। गैर हाजिर परीक्षार्थियों की ऑनलाइन सूची बोर्ड को भेजी जा चुकी थी। फिर वे छात्रा को कैसे परीक्षा में बैठातीं?
रिपोर्ट दर्ज होने तक शांत नहीं बैठेंगे : राजवीर
राजवीर सिंह के मुताबिक वह इस मामले की प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री और सीबीएसई कार्यालय में शिकायत करेंगे। प्रधानाचार्या के खिलाफ जब तक रिपोर्ट दर्ज नहीं होगी, वे शांत नहीं बैठेंगे। चाहे उन्हें इसके लिए कोर्ट का दरवाजार क्यों न खटखटाना पड़े।