गंगा नदी का जलस्तर बढ़ने से जलीलपुर क्षेत्रवासी चिंतित
चांदपुर/जलीलपुर। गंगा नदी का जल स्तर बढ़ने से जलीलपुर क्षेत्र के करीब एक दर्जन गांव में किसानों की फसल और मकान बर्बाद होने की कगार पर हैं। पशुओं को चारा नहीं मिल रहा है। शुक्रवार को गंगा नदी में छठी बार जल स्तर बढ़ जाने से बाढ़ का प्रकोप दिखाई दे रहा है।
जलीलपुर क्षेत्र के गांव सलेमपुर, मीरापुर सीकरी, रायपुर, जलालपुर, नारनौर, जमालुद्दीनपुर, स्याली, मुदापुरा, दत्तियाना, कुम्हरिया, हुसैनपुर खासा आदि गांव बाढ़ से पीड़ित हैं। ग्रामीण छत्रपाल सिंह, रूपचंद्र, मेघराज सिंह, ननका, करतार सिंह प्रधान ने बताया कि गांव में पानी भरने से गांववासी प्रशासन द्वारा बनाए राहत शिविर में न पहुंचकर रिश्तेदारी में शरण लिए हुए हैं। ग्रामीणों ने अपने मकान खाली कर बच्चों को रिश्तेदारी में पहुंचा दिया है। प्रशासन द्वारा मुनादी कराए जाने के बाद भी बाढ़ पीड़ित राहत शिविर में नहीं पहुंच रहे।
नहर की पटरी टूटी, जल खेतों में पहुंचा
जलीलपुर क्षेत्र में सिंचाई करने वाली नहर की पटरी टूटने से फसलें जलमग्न हो गई। जलीलपुर से नारनौर मार्ग पर स्थित आरा मशीन के पास नहर की पटरी टूट गई जिससे किसानों की परेशानी और बढ़ गई। किसानों ने सिचांई विभाग द्वारा अधिक पानी छोड़े जाने से पटरी टूटना बताया है।
वहीं, दत्तियाना से सुजातपुर खादर जाने वाली सड़क पर पानी आने से टूटी सड़क की मरम्मत, सड़क कटान रोकने के लिए भाजपा कार्यकर्ताओं ने मिट्टी से भरे कट्टे लगाए हैं। भाजपा कार्यकर्ता सौरभ त्यागी, डॉ. दुष्यंत, सुभाष चौहान, कुलदीप चौहान आदि व अनिल कुमार जेई आदि का पानी के बहाव को रोकने के लिए मिट्टी के कट्टे लगाने में विशेष योगदान रहा।
बारिश में मकान गिरा, मलबे में दबा सामान
हल्दौर। मोहल्ला खेड़ा में तेज बारिश के कारण एक पक्का मकान भर भराकर गिर गया। क्षेत्र में लगातार बारिश होने व हवा चलने से किसानों की खड़ी गन्ने की फसल गिर गई। क्षेत्र में कई दिनों से लगातार तेज बारिश के कारण जन जीवन प्रभावित हो रहा है। शुक्रवार को तेज बारिश होने के कारण नगर के मोहल्ला खेड़ा निवासी यूनुस का पक्का मकान अचानक गिर गया। इस दौरान मकान मालिक के कई परिजन मकान के मलबे में दबने से बाल बाल बच गए। साथ ही बारिश के बाद हवा चलने से पैजनियां, पावटी, खासपुरा, अम्हेड़ा, नांगलजट, बिलाई, कड़ापुर आदि गांव में अनेक किसानों की गन्ने की फसल गिर गई।