गांवों में घुसा पानी, फसलें जलमग्न
बेगावाला। पहाड़ों पर रुक-रुक कर हो रही बारिश से क्षेत्र के गांवों में बाढ़ जैसे हालात पैदा हो गए हैं। गांवों में पानी घुसने से ग्रामीणों का जिला मुख्यालय से संपर्क कट गया है तो फसलें भी जलमग्न हो गई हैं। विद्यालयों में पानी आने से शिक्षण कार्य प्रभावित हो रहा है। प्रशासन द्वारा ग्रामीणों की कोई सुध नहीं ली गई है। इससे ग्रामीणों में रोष व्याप्त है।
पिछले कई दिनों से पहाड़ों पर बारिश हो रही है। इससे कई स्थानों पर जलभराव तथा कुछ जगहों पर बाढ़ जैसे हालात पैदा हो रहे हैं। ग्रामीण जोखिम भरा सफर करने को मजबूर हैं।
जिला मुख्यालय से ब्रह्मपुरी गांव करीब दस किलोमीटर की दूरी पर स्थित हैं। बरसात में हर साल यहां के लोग बाढ़ से जूझते हैं। इन गांवों का संपर्क जिला मुख्यालय से टूट जाता है। गांव के लोग इस कारण काफी परेशान हैं। इसी गांव में कण्व ऋषि का आश्रम है। इसके बावजूद कोई सुधार नहीं होता नजर आ रहा है। कहने को तो गांव में बाढ़ राहत चौकी भी बनी हुई है, लेकिन सिर्फ खानापूर्ति के लिए ही है। विडंबना यह है कि कई बार उच्च अधिकारियों को अवगत कराने के बाद भी इस ओर से कोई विशेष ध्यान नहीं दिया जा रहा है। इस कारण ग्रामीण को संघर्षपूर्ण जीवन जीने को मजबूर होना पड़ रहा है। ब्रह्मपुरी गांव में पानी भरा होने के कारण करीब 500 मीटर की दूरी तक पहुंचने में ग्रामीणों को नावों का सहारा लेना पड़ रहा है। गांव रावली, चांदपुर, भोजपुर, खानजहांपुर बहादर, मुजफ्फरपुरकेशो आदि गांवों के लोगों को नावों का सहारा लेकर चलना पड़ रहा है। ब्रह्मपुरी व रावली के ग्राम प्रधान पति सुनील कुमार का कहना है कि गंगा व मालन नदी का पानी गांव में घुसने की समस्या हर साल होती है। कई बार उच्चाधिकारियों को मौखिक एवं लिखित रूप से अवगत कराया जा चुका है, लेकिन कुछ नतीजा हासिल नहीं हुआ। बताया की उनकी ओर से गांव वालों के लिए दो नावों का प्रबंध किया गया है। जिससे कि ग्रामीणों को आवागमन में कोई परेशानी न हो।