बिजनौर/गजरौलाशिव/मंडावर। लगातार 52 घंटे तक पड़ी बारिश जिलेवासियों के लिए आफत बन गई। बारिश में कई जगह पर कच्चे मकान गिर गए। पहाड़ों पर बारिश से मालन और गंगा उफनने लगी हैं। गंगा का जलस्तर 24 घंटे में चार गुना बढ़ गया। मालन और गंगा का पानी गांव ब्रह्मपुरी और रावली में भर गया है। रावली के पास मालन नदी के रपटे पर तीन फीट तक पानी चल रहा है। बारिश से गिरी हजारों बीघा धान की फसल में पानी भर गया है। इससे फसल का काफी हिस्सा नष्ट होगा। दोपहर करीब दो बजे बारिश थमने और धूप निकलने से जनता को राहत मिली। जिलेभर में 21 एमएम बारिश रिकॉर्ड की गई।
शुक्रवार सुबह करीब सात बजे शुरू हुई बारिश रविवार सुबह करीब 11 बजे रुकी। लगातार 52 घंटे तक पड़ी बारिश समय बढ़ने के साथ ही लोगों के लिए मुसीबत बनती गई। शनिवार पूरी रात और दिन में भी तेज बारिश पड़ने से कई मोहल्लों की सड़कें जलमग्न हो गई। नई बस्ती, जाटान, काजीपाड़ा, चाहशीरी आदि की सड़कें पानी में डूबी रहीं। बारिश में शनिवार रात गांव गजरौलाशिव निवासी रईस व राकेश का मकान गिर गया। रईस की पत्नी जरीसन, आसमा व रऊफ तथा राकेश के पशु मलबे में दब गए। गांव वालों ने उन्हें बाहर निकाला। उनको मामूली चोट आई हैं। उमरपुरमीरा में महेश का मकान भी शनिवार रात गिर गया। उसके बेटे रोहित, ललित व बेटी अंजलि मलबे में दबने से बाल बाल बच गए। रात में महेश ने पड़ोसी दिनेश के घर में शरण ली। झलरा में सलमा के मकान की दीवान भी गिरनी शुरू हो गई है। मौसम वेधशाला के प्रेक्षक आरके शर्मा के अनुसार बारिश पड़ने की संभावना तो है, लेकिन सोमवार को मौसम साफ हो जाएगा।
ब्रह्मपुरी और रावली गांव में घुसा पानी, फसलें जलमग्न
पहाड़ों पर बारिश से मालन और गंगा में उफान आ गया है। गंगा में पानी का जलस्तर चार गुना बढ़ गया। मध्य गंगा बैराज के एक्सईएन के मुताबिक शनिवार को गंगा में 27 हजार क्यूसेक पानी था, जो रविवार को बढ़कर एक लाख 10 हजार क्यूसेक तक जा पहुंचा। गांव रावली के पास मालन नदी के रपटे पर मालन का तीन फीट तक पानी चल रहा है। यह रपटा गांव रावली, शहजादपुर, भोगपुर, महनशापुर, इनामपुरा, मोहम्मदपुर देवमल, मोहम्मदपुर सुजान, इनामपुरा को मुख्य मार्ग से जोड़ता है। रपटे को पार करने के लिए अब नाव का ही सहारा बचा है। गांव वाले नाव के सहारे ही आ-जा रहे हैं। गांव ब्रह्मपुरी और रावली गांव में मालन और गंगा का पानी भर गया है। राजारामपुर और डैबलगढ़ के खेतों व जंगल के मुख्य रस्ते में गंगा का पानी आ गया है और पानी धीरे-धीरे गांवों की ओर बढ़ रहा है। गंगा पार खड़ी किसानों की हजारों बीघा फसल भी जलमग्न हो गई है। गांव काजीवाला के पास जंगल के रास्ते में पेड़ गिरने से गांव वालों को आने जाने में परेशानी उठानी पड़ी।
एसडीएम शिशिर कुमार ने बताया कि तहसील क्षेत्र के सभी इलाकों में तैनात लेखपालों को जानकारी के लिए भेजा गया है। उन्होंने बताया कि अभी तक कहीं से भूमि कटान की सूचनाएं नहीं मिली हैं। उन्होने क्षेत्र के लोगों से अपील की है कि किसी भी घटना की सूचना वे तत्काल प्रशासन को दें।
नहर की पटरी टूटी सैकड़ों बीघा फसल जल मग्न
जलीलपुर। गांव मीरापुर खादर के निकट नहर की पटरी टूटने के कारण किसानों की सैकड़ों बीघा फसल पानी में डूब गई। हरीराज सिंह, चरण सिंह, सतपाल सिंह, खानचंद आदि किसानों ने बताया खेतों में धान की तैयार फसल खड़ी थी। नहर की पटरी टूटने के कारण खेतों में चार फीट तक पानी भर गया ।इसके चलते फसल डूब कर नष्ट हो रही है। मीरापुर बसंतपुर रोड पर भी कई फीट पानी चल रहा है।
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कच्चे मकानों की छत गिरने से कई परिवार बेघर
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नींदडू़। पिछले दो दिनों से होने वाली हल्की वर्षा शनिवार की रात उग्र हो गई। तेज वर्षा से आजाद पुत्र अफजाल, रोशन आरा पत्नी अफजाल, दिलशाद अहमद तथा इकबाल अहमद के कच्चे मकानों की छतें गिर गईं। घटना के समय आजाद व रोशन आरा का परिवार मकान के बाहर टिन शेड में सो रहा था। हादसे के बाद उन्होंने मिट्टी में दबा सामान किसी तरह बाहर निकाला। दिलशाद व इकबाल ने भी छत गिरने के बाद सामान बाहर निकाला। सरकथल माधो में सागर सिंह प्रजापति का परिवार कच्चे मकान में रहता है। परिवार के सभी सदस्य कच्चे मकान में ही सो रहे थे। दो दिन से लगातार बारिश होने से घबराए परिवार के सदस्य सुरक्षा की दृष्टि से पड़ोसी के मकान में चले गए थे। शनिवार की रात पौत्र हेमराज सिंह (16) पुत्र पुरुषोत्तम कच्चे मकान में ही सो रहा था। तेज बारिश के कारण पुरुषोत्तम मकान गिरने के भय से करीब 11.30 बजे रात के बेटे हेमराज को वहां से बाहर निकाल लाया। मकान से बाहर निकलते ही पूरा कच्चा मकान आ गिरा।
बारिश में मकान गिरा,परिवार घायल
नूरपुर। गांव दौलतपुर में बारिश के कारण एक व्यक्ति का मकान गिर गया। मकान के मलबे में दबकर पूरा परिवार घायल हो गया। ग्रामवासियों ने मलवा हटाकर सभी को बाहर निकाला।
शनिवार की रात आठ बजे अनीस अहमद का मकान भरभरा कर गिर गया। मकान के मलवे में अनीस, उसकी पत्नी शमशीदा व पुत्री हिना और गुलिस्तां दब गए। मकान गिरने की आवाज पर ग्रामीणों ने मौके पर पहुंचकर मलवा हटाकर सभी को बाहर निकाला। मलबे में दबे परिवार के सभी लोगों को चोटें आईं और उनका निजी चिकित्सक से उपचार कराया गया। उधर बारिश के कारण धान व गन्ने की फसल धराशायी हो गई। किसानों ने इस बरसात को नुकसानदायक बताया है।
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बारिश के बाद निकली चटख धूप
रविवार दोपहर दो बजे तेज चटख धूप निकली। बादल छंटने और धूप निकलने से जनता को राहत मिली। धूप इतनी तेज थी कि कोई भी एकदम से धूप में नहीं आया। लगातार हुई बारिश से मौसम में आई ठंड एकदम काफूर हो गई।